जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी जाते वक्त रविवार की दरमियानी रात सीतापुर में हिरासत में लेने के बाद अब गिरफ्तार कर लिया गया है। हिरासत में रखे जाने पर प्रियंका ने गेस्ट हाऊस में सफाई करके गांधीगिरी भी दिखाई। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी को जहां हिरासत में रखा गया था वहां ड्रोन से निगरानी की जा रही थी। प्रियंका के इस तेवर से कांग्रेसी खुश हैं कि उन्होंने अपने जोश से कार्यकर्ताओं में जान फूंक दी है।
आपातकाल लागू होने के बाद देशवासियों के प्रतिशोध ने 1977 में इंदिरा गांधी को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर दिया था। देश में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार चल रही थी। सरकार को बने नौ महीने हो गए थे। बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले थे, तभी बिहार में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। चुनाव से कुछ दिन पहले ही हथियारों से लैस कुर्मियों के गिरोह ने बेलछी गांव पर हमला बोल दिया।
यहां घंटों गोलीबारी हुई और 11 लोगों को जिंदा जला दिया गया। इस खबर देश भर में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई। अब तक राजनीतिक उदासीनता झेल रहीं इंदिरा गांधी ने बेलछी गांव जाने का फैसला किया। सोनिया गांधी के बायोग्राफर जविएर मोरो ने अपनी किताब ‘दी रेड साड़ी’ में इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है कि जब सोनिया गांधी को इंदिरा गांधी के बेलछी गांव जाने के कार्यक्रम के बारे में पता चला तो वे घबरा गईं।
उन्होंने अपनी सास को वहां जाने से मना किया। लेकिन इंदिरा गांधी नहीं मानीं। वे 13 अगस्त 1977 को तेज बारिश में बेलछी गांव पहुंच गईं। पहले वे फ्लाइट से पटना पहुंची। फिर जीप से बेलछी के लिए रवाना हुई लेकिन रास्ते में कीचड़ होने की वजह से जीप फंस गई तो ट्रैक्टर का इंतजाम किया गया।

