जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: संसद में पिछले तीन दिनों से किसान आंदोलन की गूंज सुनाई दे रही है। दस विपक्षी दलों के 15 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को आंदोलनरत किसानों से मिलने के लिए गाजीपुर पहुंचा। उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोक दिया है। गाजीपुर जाते समय एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर शांतिपूर्ण तरीके से राज्यसभा की कार्यवाही जारी है। ऊपरी सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा चल रही है। सदन में आज गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक पेश करेंगे।
सिंधिया ने कांग्रेस के अपने पुराने साथियों को सुनाया
राज्यसभा में पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा की तरफ से कृषि कानूनों पर मोर्चा संभाल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को उसका घोषणा पत्र याद दिलाया। पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हमें जुबान बदलने की आदत बदलनी होगी।
देश के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलेगा। संबोधन के दौरान सिंधिया ने कांग्रेस के अपने पुराने साथियों को भी सुनाया। आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के अनुरोध पर पूरी जनता ने स्वेच्छा से लॉकडाउन का पालन किया।
Delhi: Proceedings of Rajya Sabha begin. #BudgetSession pic.twitter.com/cxjbsbeYVy
— ANI (@ANI) February 4, 2021
स्पीकर हमें इस मुद्दे को उठाने नहीं दे रहे हैं
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा, ‘हम यहां इसलिए आए हैं ताकि हम इस मुद्दे (किसानों के विरोध) पर संसद में चर्चा कर सकें। स्पीकर हमें इस मुद्दे को उठाने नहीं दे रहे हैं। अब सभी पक्ष इस बात का विवरण देंगे कि यहां क्या हो रहा है।’
Delhi: Opposition leaders who have reached Ghazipur border to meet the protesting farmers have been stopped by Police. pic.twitter.com/SDsZNJNPvF
— ANI (@ANI) February 4, 2021

