जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद रखना केवल एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। बता दें कि, राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में पेजेशकियन ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए जताया खेद
अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्षेत्रीय देशों पर हुए हाल के हमलों के लिए खेद भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खाड़ी के कुछ देशों पर हाल में हुए हमले गलतफहमी के कारण हुए थे और तेहरान आगे ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास करेगा, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। मीडिया के अनुसार, इस बयान को ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने कल मंजूरी दी है। यह बयान ऐसे समय आया जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरें आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति से की बातचीत
जानकारी के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। पुतिन ने क्षेत्र में जारी संघर्ष को तुरंत रोकने और शांति की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दोहराया कि ईरान से जुड़े विवादों का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों से होना चाहिए। पुतिन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने की अपील की।
अमेरिका की चेतावनी, सबसे बड़ा हमला आज रात
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को बातचीत में कहा कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण फैक्ट्रियों को गंभीर नुकसान पहुंचाना है।
अरब लीग के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक
ईरानी हमलों के बाद, अरब लीग के विदेश मंत्री रविवार को एक आपात बैठक करेंगे। इस बैठक में खाड़ी देशों पर हुए हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, इस आपात बैठक की मांग सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान, जॉर्डन और मिस्र ने संयुक्त रूप से की है। इन देशों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और हमलों के मद्देनज़र तत्काल चर्चा और सामूहिक रुख तय करना जरूरी हो गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। 28 फरवरी को जंग की शुरुआत के बाद से, ईरान ने इस्राइल समेत 13 देशों को निशाना बनाया है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते टकराव के बीच, ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर लगातार बनी हुई है।

