- भाजपा के चार और सपा के दो सदस्य जीते
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों के लिए भाजपा और मेयर ग्रुप के बीच शनिवार को दिलचस्प मुकाबला हुआ। भाजपा ने निगम की कैबिनेट में चार सदस्यों को जीत दिलाने में कामयाबी हासिल कर ली। मेयर ग्रुप के दो सदस्य ही जीत दर्ज कर सके।
भाजपा संगठन ने पांच और मेयर ग्रुप ने चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे। भाजपा संगठन ने पार्षद विपिन जिंदल, दीपिका गुप्ता, अंशुल गुप्ता, अनुज वशिष्ट, अजय भारती पर दांव लगाया है, इन सभी भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इनमें से विपिन जिंदल ने नाम वापस ले लिया था।
इस तरह से भाजपा के चार सदस्यों ने जीत दर्ज की। इसकी भाजपा संगठन ने बड़ी तैयारी की थी। मेयर ग्रुप के दो सदस्य ही जीत दर्ज कर सके। वहीं, मेयर ग्रुप से पार्षद धर्मवीर सिंह, प्रदीप वर्मा, इकरामुद्दीन और नाजरीन को चुनाव मैदान में उतारा गया था। इसमें धर्मवीर को बसपा प्रत्याशी बताया गया था।
सुबह नामांकन प्रक्रिया की गई, जिसके बाद नाम वापसी चली। दोपहर बाद मतदान हुआ। पार्षद एक-एक कर वोट डालने पहुंचे। पदेन सदस्य भी मतदाधिकार का प्रयोग करने के लिए पहुंचे थे। कार्यकारिणी के इस चुनाव को लेकर काफी गहमा-गहमी रही। दोपहर दो बजे से नगर निगम टाउनहाल परिसर के तिलक हाल में कार्यकारिणी के छह सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान हुआ, जो शाम 4.15 बजे तक चला। कुल 98 मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया।
नगर निगम अधिकारियों ने मतदान के लिए तिलक हाल में एक बूथ बनाया गया था। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। शाम को चुनाव के परिणाम घोषित किये गए, जिसमें भाजपा की दीपिका गुप्ता, अंशुल गुप्ता, अनुज वशिष्ट, अजय भारती को विजयी घोषित किया गया।
वहीं, सपा व मेयर ग्रुप के इकरामुद्दीन व राजरीन को भी विजेता घोषित किया गया। इस तरह से भाजपा के चार व सपा के दो प्रत्याशियों ने निगम की कैबिनेट में एंट्री पा ली। बसपा के धर्मवीर को ग्यारह वोट मिले, जबकि बसपा के 13 पार्षद मौजूद हैं। इस तरह से बसपा पार्षदों ने क्रास वोट किया। प्रदीप को एक भी वोट नहीं मिला।
चुनाव प्रक्रिया के आरंभ में ही नगरायुक्त मनीष बंसल भी पहुंचे थे। चुनाव फाइनल होने के बाद भी नगरायुक्त तिलक हाल में पहुंचे। सपा विधायक रफीक अंसारी व बसपा एमएलसी अतर सिंह राव भी मतदान करने के लिए पहुंचे थे। इस तरह से निगम कैबिनेट में मेयर के पांच सदस्य व भाजपा के सात सदस्य पहुंच गए हैं। कार्यकारिणी में भाजपा एक तरह से मेयर ग्रुप पर यहां हावी हो सकती है।

बसपा पार्षदों ने की क्रास वोट
नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में आखिर भाजपा ने बसपा पार्षदों के कंधे पर बंदूक रखकर चला ही दी। बसपा पार्षदों ने इस चुनाव में क्रास वोट की, जिसके चलते भाजपा को बड़ा लाभ पहुंचा। मेयर ग्रुप के पास 52 वोट थी, लेकिन इसमें से क्रास वोट की गई, जिसके चलते मेयर को कार्यकारिणी के चुनाव में बड़ा झटका लगा।
हालांकि मेयर सुनीता वर्मा ग्रुप ने बड़ी तैयारी इस चुनाव को लेकर की थी। मेयर को उम्मीद थी कि उनके ग्रुप के चार सदस्य चुनाव जीतकर आयेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेयर ग्रुप से भी बड़ी रणनीति तैयार की थी भाजपा ने, जो बसपा व युवा सेवा समिति के पार्षदों की भाजपा ने अपने स्तर से घेराबंदी की, जिसके बाद बसपा व युवा सेवा समिति के पार्षछों ने क्रास वोटिंग कर दी।
यही वजह है कि भाजपा को इसमें सफलता मिली तथा मेयर ग्र्रुप को बड़ा झटका लगा। बसपा की फिल्डिंग भी चुनाव में उस स्तर से नहीं की गई थी, जिस स्तर से होनी चाहिए थी। बसपा के कोआॅर्डिनेटर भी यहां नहीं पहुंचे। सपा व भाजपा के नेता टाउन हाल पर ही जमे हुए थे। अपनी-अपनी रणनीति को अंजाम देते दिखाई दिये, मगर बसपा का कोई बड़ा लीडर यहां नहीं पहुंचा।
इससे साफ लग रहा था कि बसपा के पार्षद क्रास वोट कर सकते हैं, वही हुआ। बसपा पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में क्रास वोट की, जिससे भाजपा को जीत मिली। हालांकि मेयर ग्रुप यही दावा कर रहा था कि उनके पास 52 पार्षदों की वोट हैं, लेकिन इसमें से वोट क्रास हो गई। फिलहाल निगम सदन में भाजपा के सात सदस्य पहुंच गए हैं, जबकि मेयर ग्रुप के पांच सदस्य ही पहुंचे हैं। भविष्य में भाजपा कार्यकारिणी की मीटिंग में मेयर ग्रुप पर भारी पड़ सकती है। इसमें दो राय नहीं।

सपाइयों ने किया निर्वाचित सदस्यों का स्वागत
नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य इकरामुद्दीन बालियान एवं नाजरीन शाहिद अब्बासी के निर्वाचित होने पर उल्लास का माहौल रहा। समाजवादी पार्टी पार्षद दल के पूर्व नेता अफजाल सैफी ने कहा कि मूल समाजवादी पार्टी के दोनों प्रत्याशी कार्यकारिणी का चुनाव जीते हैं।
सैफी ने कहा कि नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी की मदद करने का काम किया है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी के चार पार्षद कार्यकारिणी का चुनाव जीते हैं। इससे प्रतीत होता है कि भाजपा और बसपा का अप्रत्यक्ष रूप से गठबंधन हो चुका है और समाजवादी पार्टी को चुनाव हराने के लिए भाजपा बसपा एक है। निर्वाचित दोनों पार्षदों को बधाई देने वालों में पूर्व पार्षद दल नेता अफजाल सैफी, पवन गुर्जर, अमजद अली, शाहिद अब्बासी,शब्बीर कसार, गफ्फार पार्षद, जावेद अहमद, मास्टर अनवर अब्बासी आदि मुख्य रहे।
योगेश के सपा में आते ही कार्यकारिणी में बसपा साफ
पूर्व विधायक योगेश वर्मा के समाजवादी पार्टी में आने के बाद से तस्वीर का रुख बदलने लगा है। नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में जिस तरह से समाजवादी पार्टी को तीन सदस्य मिले और मेयर गुट का दबदबा बढ़ा उसने बहुजन समाज पार्टी का कार्यकारिणी में सूपड़ा साफ कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी के मजबूत नेता रहे योगेश वर्मा ने हाल ही में बसपा को बाय बाय बोलकर समाजवादी पार्टी ज्वाइंन कर ली थी।
मजबूत जनाधार वाले इस नेता ने नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में अपना प्रभाव दिखाते हुए न केवल तीन सदस्य जितवाये बल्कि बहुजन समाज पार्टी के पार्षदों की क्रास वोटिंग भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के पक्ष में होती हुई देखी। कार्यकारिणी में सपा के तीन पार्षदों के अलावा मेयर गुट का एक पार्षद भी जीता है। दरअसल युवा सेवा समिति के तीन पार्षदों ने भी क्रास वोटिंग कर दी और उसके सभासदों ने भाजपा के पक्ष में वोट डाल दिये थे।

