Friday, March 20, 2026
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गत वर्ष के मुकाबले भैंसाली डिपो से निगम का राजस्व हुआ कम

  • जनवरी 2020 में डिपो से सात करोड़ का था रिवेन्यू, इस वर्ष हुआ करीब छह करोड़
  • लॉकडाउन की मार का दिखा असर, प्रत्येक बस पैसेंजर लिफ्टिंग में भी कमी

सागर कश्यप |

मेरठ: कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के कारण रोडवेज को काफी नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि अब निगम इससे उबरने लगा है। रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या भी पिछले कुछ महीनों के मुकाबले अब बढ़ने लगी है, लेकिन अगर पिछले वर्ष की बात करें तो रोडवेज को गत वर्ष की तुलना में करोड़ों का घाटा हुआ है। इस जनवरी माह में प्राप्त रोडवेज का राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। वहीं, बसों और पैसेंजरों की संख्या में भी बदलाव देखने को मिला है।

परिवहन निगम द्वारा लॉकडाउन के बाद बसों का संचालन जून के महीने में शुरु किया गया था। हालांकि संक्रमण के भय के कारण पिछले साल भर यात्रियों का अवागमन कम ही रहा। वहीं, कोरोना का टीकाकरण शुरु होने के बाद अब संक्रमण का भय भी नहीं देखा जा रहा है।

ऐसे में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की भी संख्या में पिछले महीनों के मुकाबले इजाफा हुआ है, लेकिन अगर पिछले वर्ष की तुलना करें तो साल के पहले महीने में ही निगम को नुकसान झेलना पड़ा है। पिछले साल जनवरी के मुकाबले इस साल जनवरी में रेवेन्यू और बसों से लेकर पैसेंजर तक की संख्या में घाटा देखने को मिला है।

परिवहन निगम को भैंसाली डिपो से जनवरी 2020 में प्राप्त राजस्व और 2021 में प्राप्त राजस्व में कुल 67 लाख 73 हजार रुपये की कमी आई है। वहीं, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 30 बसों की कमी भी भैंसाली डिपो में रही। इसके अलावा प्रत्येक बस पैसेंजर लिफ्टिंग की बात करें तो एवरेज में भी कमी आई है।

शिक्षण संस्थानों के खुलने से भी मिलेगी राहत

लॉकडाउन काल से बंद शिक्षण संस्थानों को शासन के निर्देशानुसार खोल दिया गया है। वहीं, दफ्तारों में वर्क फ्रॉम होम भी अब धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है। ऐसे में इससे भी परिवहन निगम को लाभ मिलेगा। रोजाना आने जाने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा देखने को मिलेगा।

एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि भैंसाली डिपो से संचालित होने वाली बसों में लंबे रूट के लिए यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। पिछले वर्ष की बात करें तो जनवरी में इस बार रेवेन्यू कम हुआ है। वहीं, बसों की संख्या में भी कुछ कमी देखी गई है। हालांकि लॉकडाउन के बाद के पिछले कुछ महीनों पर नजर डालें तो फिलहाल यात्रियों की संख्या में इजाफ हुआ है।

पिछले वर्ष के मुकाबले ये रही कमी

  • राजस्व, जनवरी 2020-सात करोड़ 44 लाख रुपये।
  • राजस्व, जनवरी 2021-छह करोड़ 36 लाख 67 हजार रुपये।
  • प्रत्येक बस पैसेंजर लिफ्टिंग, जनवरी 2020-254
  • प्रत्येक बस पैसेंजर लिफ्टिंग, जनवरी 2021-231
  • गत वर्ष भैंसाली डिपो के पास बसें-223
  • जनवरी 2021 में भैंसाली डिपो के पास बसें-193
  • गत वर्ष जनवरी में कलेक्शन प्रतिदिन-9975 रुपये।
  • जनवरी 2021 में कलेक्शन प्रतिदिन-9894 रुपये।
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