- जीआईएस सर्वे होल्ड पर तीन माह में भौतिक सत्यापन होगा
- नगर निगम में 250 आउट सोर्सिंग सफाईकर्मी रखे जाएंगे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने भ्रष्टाचार की चिट्ठे खोल डाले और हंगामा कर अधिकारियों से जवाब तलब किया। अधिकारियों पर जीआईएस सर्वे की आड़ में अवैध वसूली करने आरोप लगाए। लोहियानगर डंपिंग यार्ड और मंगतपुरम में कूड़े का निस्तारण न होने व बीवीजी कंपनी द्वारा कूड़ा न उठाने को लेकर भी पार्षदों ने हंगामा किया। स्ट्रीट लाइटें ठीक न होने को लेकर सर्वाधिक हंगामा हुआ
और नगर निगम से स्वयं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को अपने हाथों में लेने व दीपावली से पहले सभी स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने मांग की। बैठक में जीआईएस सर्वे का भौतिक सत्यापन करने तक इसे होल्ड पर रखने, पुरानी दर से गृहकर वसूली, तीनों जोनल कार्यालयों में अफसरों की तैनाती करने, माह के अंत तक सभी स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने, आउट सोर्सिंग से 250 सफाईकर्मियों को रखने का निर्णय लिया गया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक चली नगर निगम बोर्ड बैठक हंगामे से भरी रही। एजेंडे में पहला मुद्दा कूड़ा निस्तारण के लिए एनटीपीसी से अनुबंध करने व वेस्ट टू एनर्जी का था, दूसरा स्ट्रीट लाइटों का था, पर पार्षद ने पहले जीआईएस सर्वे में घोटाले का आरोप लगाते हुए हंगामा कर इस पर चर्चा करने की मांग की। पार्षद राजीव गुप्ता काले ने जीआईएस सर्वे के नाम पर अफसरों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पार्षद संजय सैनी, अभिनव अरोड़ा, विक्रांत ढाका, कुलदीप कीर्ति, फजल करीम ने इसपर रोक लगाने की मांग की और अफसरों से जवाब मांगा। अपर नगरायुक्त पंकज यादव ने कहा कि सर्वे में कुछ खामियां मिलीं है, उन्हें दूर किया जा रहा है। सर्वे में 1.48 लाख नई संपत्तियां मिलीं, जिनमें 38,000 संपत्तियां मिसमैच हैं, 14000 संपत्तियां डबल हैं, 12,000 संपत्तियां ऐसी है, जिनमें कारखाने हैं। फैक्ट्रियों में क्वार्टर भी हैं। मेडा के तीन-चार हजार भवन हैं, नगर निगम की संपत्तियों पर भी कर लगाया गया। दो तीन हजार अवैध कब्जे वाली संपत्तियों पर भी कर लगाया गया। पार्षदों ने पूछा भौतिक सत्यापन क्यों नहीं हुआ।
अनुज वशिष्ठ ने कहा कि बिना संपत्ति के कागज के गृहकर कैसे लगा दिया। राजीव गुप्ता ने आरोप लगाया कि अफसर जीआईएस सर्वे की आड़ में जनता को लूट रहे हैं। पहले इस बंद किया जाए। बैठक में निर्णय हुआ कि पहले जीआईएस सर्वे का पार्षदों को साथ लेकर भौतिक सत्यापन होगा फिर बिलों को ठीक करके लागू किया जाएगा, तब तक जीआईएस सर्वे होल्ड पर रहेगा। बैठक में तीनों जोनों में अफसरों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया।
कूड़ा निस्तारण के मुद्दे पर बरपा हंगामा
बैठक में कूड़ा निस्तारण का मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि एनटीपीसी ने 900 टीडीपी का कृूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने अनुबंध किया। इससे कूड़ा डंप होने की समस्या से राहत मिलेगी। पार्षद अनुज वशिष्ठ ने कहा कि जो प्लांट लोहियानगर में लगा है, वह नहीं चलता। कुलदीप कीर्ति ने कहा कि कूड़ा निस्तारण न होने से प्रदूषण विभाग ने पांच करोड़ का जुर्माना लगाया। जाहिदपुर, हाजीपुर, अलीपुर में लोग कैंसर से मर रहे हैं। मंगतपुरम में नौ करोड़ का अनुबंध कूड़ा निस्तारण को दिया था,
वहां भी कूड़ा निस्तारण नहीं हो रहा। अपर नगरायुक्त ने बताया कि बैलेस्टिक प्लांट लगे हैँ, सेपरेटर भी हैं। इर्न्थ को हम लैंडफिल में प्रयोग करेंगे। अब हम छोटा कांटा लगाकर कितना कूड़ा निरतारण हो रहा, चैक करेंगे। पसवाड़ा पेपर मिल व अन्य मिलों ने कूड़ा मांगा है, उन्हें कूड़ा दिया जाएगा। मेयर ने कहा कि 1200 टन कूड़ा रोजाना निकल रहा है, शीघ्र कैंट बोर्ड का दो सौ टन कूड़ा भी हमें रोजाना मिलेगा। इसलिए कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाना जरूरी है और यह भारत सरकार की स्कीम में हैं, इसको सभी पास करें। बैठक में स्ट्रीट लाइटों को लेकर भाजपा व विपक्ष के पार्षदों ने मिलकर हंगामा किया।
उन्होेंने ईईएसएल को दिए ठेके की जानकारी मांगी। अपर नगरायुक्त पंकज यादव ने बताया कि 2017 में ईईएसएल से सात वर्ष के लिए पहला अनुबंध किया था। इसमें 42 हजार स्ट्रीट लाइटों को बदलकर एलईडी लाइटें लगाई जानी थी व मेंटीनेंस करना था। छह माह बाद 26000 नई स्ट्रीट लाइटों लगाने का अनुबंध किया गया। अनुज वशिष्ठ ने पूछा कि किस अधिकारी ने स्ट्रीट लाइटें लगने का भौतिक सत्यापन किया। आज 17 हजार स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। कंपनी ने लाइटें नहीं लगार्इं। बैठक में पार्षदों ने लाइट इंस्पेक्टर राजेश चौहान को हटाने की मांग की और निगम से स्वयं स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने की मांग की।
पार्षदों ने दीपावली से पहले लाइटें ठीक कराने की मांग की। मेयर ने कहा कि दीपावली से पहले हर वार्ड में सौ-सौ स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। बैठक में कूड़ा उठाने के ठेके को लेकर भी हंगामा हुआ। पार्षदों ने कहा कि बीवीजी को 2022 में सात वर्ष के लिए 6.256 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कूड़ा उठाने का ठेका दिया गया। कं. को कूड़ा उठाने वाले वाहन व अन्य संसाधन दिया गए, पर कूड़ा नहीं उठता। इन वाहनों का डीजल खर्च भी निगम उठा रहा है
और वाहनों की मेंटीनेंस भी निगम कर रहा है। यह बहुत बड़ा घोटाला है। 73 वार्ड में ही कूड़ा उठाया जा रहा है। इसकी कोई मॉनिटरिंग करता। मेयर ने अफसरों को इसी मॉनिटरिंग करने को कहा। पार्षद अरुण मचल ने कहा कि स्टेट फाइनेंस कमीशन के पैसे से संविदा पर सफाईकर्मी रखे जाएं। मेयर ने कहा कि 250 आउट सोर्सिंग से सफाई कर्मी रखे जाएंगे।

