- रेलवे ट्रैक पार कर रहे लोगों को खदेड़ा, आरपीएफ और जीआरपी ने चलाया संयुक्त चेकिंग अभियान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कानपुर में रेलवे लाइन पर पांच किलो गैस का सिलेंडर रखने और सूरत में रेलवे ट्रैक से फिश प्लेटें खोलकर ट्रेनों को पलटने की साजिश रचने के बाद रविवार की शाम रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर यहां आरपीएफ और जीआरपी ने मेरठ दिल्ली रेलवे ट्रैक और मेरठ खुर्जा ट्रैक पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने नई बस्ती के पास दिल्ली व हापुड़ रेलवे ट्रैक पार कर रहे लोगों को खदेड़ा। टीम ने रेलवे लाइन के पास खड़े ठेलों को भी हटवाया।
पिछले कुछ दिनों से रेलवे लाइन पर पत्थर, लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े, खंभे आदि वस्तुओं को रखकर ट्रेनों को पलटने की साजिश की जा रही है। शुक्रवार को गुजरात के सूरत में रेलवे ट्रैक से फिश प्लेटों को खोलने व पिनड्रोल क्लिप ढीले करने और कानपुर में रेलवे लाइन पर पांच किलो एलपीजी का सिलेंडर रखकर ट्रेन को पलटने की साजिश की गई। इस घटना के बाद रविवार की शाम आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने सिटी स्टेशन से लेकर मेरठ खुर्जा ट्रैक पर जुर्रानपुर फाटक तक और मेरठ न्यू गाजियाबाद ट्रैक पर परतापुर फाटक तक रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर चेकिंग अभियान चलाया।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर योगेश कुमार भाटी और जीआरपी के थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने नई बस्ती में रेलवे लाइन पार कर रहे लोगों को खदेड़ा। उन्हें लाउडस्पीकर के जरिए गिरफ्तार करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान रेलवे लाइन के आसपास घूम रहे लोगों में भदगड़ मच गई। टीम ने रेलवे लाइन के पास ठेले लगाने वालों को भी खदेड़ा
और उन्हें गिरफ्तार करके उनके ठेले को जब्त करने की चेतावनी दी। टीम ने खुर्जा लाइन पर मेवला फाटक पर रेलवे लाइन पार कर रहे लोगों को दौड़ाया। उन्हें रेलवे लाइन पार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इस दौरान वहां भगदड़ मच गई। टीम ने नूर नगर हाल्ट के पास ताश खेल रहे लोगों को भी खदेड़ा और दोबारा वहां मिलने पर गिरफ्तार करने की चेतावनी दी।
ट्रेन से कटने से बाल-बाल बचा बुजुर्ग
मेरठ: पुरी से योग नगरी ऋषिकेश जाने वाली कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस से कटकर एक बुजुर्ग बाल-बाल बचा। इस वृद्ध व्यक्ति को एक वेंडर ने बचाया। वह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। शास्त्रीनगर सेक्टर-11 निवासी 68 वर्षीय हामिद अली रविवार को दिल्ली से मेरठ के लिए पुरी से ऋषिकेश जाने वाली कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस सवार हुआ था। वह साधारण कोच में सवार था। ट्रेन जब सिटी स्टेशन पहुंची तो उन्हें डिब्बे से उतरने में देर लग गई।
वह उतर ही रहा था कि ट्रेन चल पड़ी। वह हिम्मत करके ट्रेन से उतरा तो प्लेटफार्म पर गिरा। इसी बीच चिप्स व बिस्कुट बेच रहे एक वेंडर ने उन्हें रेलवे ट्रैक के नीचे गिरने से बचाया। हामिद के चेहरे, कलाई और घुटनों में चोट आई। उन्हें ई रिक्शा में बैठाकर जिला अस्पताल भेजा गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

