- जनवरी में 210 साइबर सेल में आई शिकायतें
- वर्ष 2021 में 2500 लोगों को लगाया चूना, वर्ष 2022 में 3413 आई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वर्तमान में जैसे जैसे डिजिटल का प्रचलन बढ़ा है। चाहे पढ़ाई आॅनलाइन करनी हो या डाक्टर से परामर्श लेना हो, मनोरंजन या खरीददारी। सब कुछ आॅनलाइन हो रहा है। कैश की जगह डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दी जा रही है। बैंक जाने की जरुरत भी नहीं। अब मोबाइल वॉलेट एवं एप से ही सारे लेनदेन के कार्य हो रहे हैं।
आॅनलाइन के बढ़ते प्रचलन पर साइबर क्रिमिनल्स ने भी अपनी तेज नजरें इन पर गढ़ा दी हैं। अब डकैती लूट की घटनाओं के स्थान पर साइबर क्रिमिनल्स ने साइबर क्राइम कर लोगों के खातों को टारगेट करना शुरु कर दिया है। हाल ही के दो सालों में साइबर क्राइम की घटनाएं जिले में बढ़ी हैं। साइबर क्रिमिनल्स ने वर्ष 2021 में 2500 लोगों को अपना शिकार बनाया।
वहीं अगले साल वर्ष 2022 में तो हद कर दी। क्राइम का यह आंकड़ा इसके अगले वर्ष 3413 तक जा पहृुंचा। डिजिटल लेनदेन हो या आॅनलाइन शॉपिंग या अन्य काम हों। इन सबसे लाइफ आसान तो हुई है। लेकिन इससे सुरक्षा का मसला भी उठ खड़ा हुआ है। जिले में हाल ही में साइबर अपराध से जुड़ी छोटी बड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें लगातार दो वर्षों से बढ़ोत्तरी हुई हैं।

अगर पूरे भारत की बात करें तो यह उन पांच देशों में शामिल हैंं जहां साइबर अपराधियों ने पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा हमले किये हैं। देश के आम नागरिक जिनके वॉलेट से लेकर पर्सनल डाटा तक में सेंध लगाई गई है। वर्ष 2022 में साइबर सैल में लोगों ने साइबर ठगों द्वारा खुद को ठगे जाने की 3413 शिकायतें दर्ज करार्इं। लेकिन इससे पहले वर्ष 2021 में ये शिकायतें 2500 के आसपास रहीं। जिले में लगातार साइबर की शिकायतें आने के बाद लोग अपने खातों को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वर्ष 2022 में ये रहे आंकड़े
जनवरी में 252, फ रवरी में 260, मार्च में 261, अप्रैल में 246, मई में 263, जून 303, जुलाई में 299, अगस्त में 304,सितम्बर में 299, अक्टूबर में 280 नवम्बर में 275, दिसम्बर में 386
साइबर सुरक्षा के लिए सरकार उचित कदम उठाये
लोग विभिन्न जगहों पर डिजिटल लेनदेन के लिए मोबाइल एप्लीके शन का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए यह जरुरी है कि सरकार साइबरसुरक्षा के लिए जरुरी कदम उठाये। ताकि कोइ भी मोबाइल एप्लीकेशन्स न तो देश की सुरक्षा में सेंध लगा सके और न ही कोई साइबर चोर किसी के पैसे का ठग सके। सरका ने मोबाइल एप्लीकेंशन्स पर पाबन्दी लगा दी है।
साइबर फ्राड से बचें
ओटीपी शेयर न करें डेबिट क्रेडिट कार्ड की जानकारी न दें, अंजान एप्लीकेशन्स डाउनलोड न करें सोशल मीडिया पर झांसे में न आये, आॅनलाइन पैसे शेयर न करें अंजान लिंक को क्लिक न करें
प्रधानाचार्य के घर चोरी में पुलिस खाली हाथ
मोदीपुरम: गोल्डन एवेन्यू में प्रधानाचार्य के घर पर हुई 20 लाख की चोरी के मामले में पुलिस दूसरे दिन भी खाली हाथ रही। चोरों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने हाइवे पर लगे 100 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली। परंतु, कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा। डीएमजी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. आरके सिंह के घर में चोरों ने 42 तोले सोने व 500 ग्राम चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे।
आहट होने पर प्रधानाचार्य जाग गए, जिसके बाद चोर छत से कूदकर भाग निकले। बुधवार को दूसरे दिन भी पुलिस कॉलोनी में पहुंची और आस पास घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। परंतु, कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके अलावा पुलिस ने हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला। थाना प्रभारी राजपाल सिंह का कहना कि सर्विलांस के साथ पल्लवपुरम पुलिस घटना का खुलासा करने के लिए जांच में जुटी है।

