Wednesday, April 15, 2026
- Advertisement -

हाइटेंशन जर्जर पोल से हादसे का खतरा

  • विद्युत विभाग की लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा, शिकायत के बाद भी विभाग मौन

जनवाणी संवाददाता |

परीक्षितगढ़: शहर में लगे विद्युत पोल पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। गर्मी का मौसम और हवाओं का रुख भी बदलने वाला है। ऐसे में लोगों की जान पर संकट बन आया है। जर्जर विद्युत पोल को दुरुस्त नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। शहर में जर्जर विद्युत पोल हादसों को दावत दे रहे हैं। इसके बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है या फिर जान के अनजान बने हुए हैं।

शहर के मुख्य मार्गों पर चलने वाले राहगीरों के लिए 24 घंटा बिजली का पोल मौत बनकर मंडराने लगे हैं। आरोप है कि कई विद्युत पोल बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं। जिनसे लगातार हादसे का डर बना हुआ है। इसके अलावा कई तार जर्जर स्थिति में लटके हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी अफसरों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।

कई महीनों से जर्जर हो चुका हाइटेंशन 11 हजार बोल्ट का विद्युत पोल अपनी उसी अवस्था में पड़ा हुआ है। यह पोल इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी यह दुर्घटना का सबब बन सकता है। विद्युत सप्लाई चालू रहने की दशा में इससे कितना बड़ा नुकसान हो सकता है इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है।

34 9

दूसरी ओर कस्बावासियों और ग्रामीणों की मांग के बावजूद बिजली विभाग कान में तेल डालकर व आंखों पर पट्टी बांधकर पड़ा हुआ है, जिससे बाजारवासियों में दहशत का माहौल व्याप्त है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो भारी जन धन की हानि संभव है।

बरसात का मौसम चल रहा है। विद्युत विभाग लापरवाह बना हुआ है। जिससे गंभीर हादसा हो सकता है। ग्राम गांवड़ा मार्ग स्थित व थाने के बराबर में एक हाइटेंशन विद्युत पोल नीचे से गला होने के कारण कभी भी गिर सकता है। ग्राम गांवड़ा मार्ग स्थित थाने के बराबर में हाइटेंशन विद्युत पोल नीचे से पूरी तरह से गला होने के कारण कभी भी गिर सकता है।

जबकि इस मार्ग पर विवाह मंडप, स्कूल, कान्हा गोशाला व सीएचसी है। सीएचसी पर प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार कराने जाते हैं। यह लाइन सीएचसी में जा रही है। यह मार्ग कई गांवों को भी जोड़ता है। उस मार्ग पर आबादी भी है। बरसात के मौसम में तेज हवाओं के साथ जर्जर विद्युत पोल गिरने से करंट आने का भय लोगों में बना रहता है। नीचे से गला पोल मौत को दवात दे रहा है, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हो बड़ा हादसा हो सकता है।

इस पोल से लोगों को दुर्घटना का डर सता रहा है। लोगों ने बताया कि विद्युत विभाग के अफसरों को पोल क विषय में कई बार बताया गया और लिखित में भी बदलने की मांग की गई। लेकिन विभाग द्वारा पोल बदलने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। लिखित आवेदन के चार माह बाद भी पोल को बदलने में जिम्मेदार कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस बारे में एसडीओ संजीव कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

जर्जर पोल से हादसे का खतरा

जिम्मेदार विभाग खतरा बने इन विद्युत पोल को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरत रहा। जबकि इन विद्युत पोलों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। नगर क्षेत्र में बिजली के जर्जर पोल लंबे समय से खतरे का सबब बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग खतरा बने इन विद्युत पोल को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरत रहा। जबकि इन विद्युत पोलों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लंबे समय से इन विद्युत पोलों को पेंट भी नहीं किया गया है। जिसके चलते इसमें जंक लग गया है।

जर्जर पोल के सहारे विद्युत आपूर्ति

नगर में कई जगहों में जर्जर बिजली पोल से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं। इसे बदलने के लिए रहवासियों की ओर से भी बार-बार आवाज उठाई गई। लेकिन जिम्मेदार पोल बदलने की दिशा में चुप्पी साधे बैठे हुए है। मोहल्ले में लोहे के जर्जर पोल के सहारे आपूर्ति हो रही है। समस्या काफी दिनों से बनी है।

हादसे को दावत दे रहा बिजली का खंभा

बिजली का खंभा जंक लगने से आधा क्षतिग्रस्त हो गया है। आंधी-तूफान आने पर खंभे के गिरने की आशंका बनी हुई है। खंभे का निचला हिस्सा जंक लगने से लगभग सड़ चुका है। तेज हवा चलने पर पोल के गिरने का खतरा बना रहता है। गली होने के कारण इसी गली से लोगों का आना जाना लगा रहता है। आसपास कई घर भी हैं। ऐसे में खंभा गिरा तो किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। मोहल्लेवासियों ने विद्युत विभाग से पोल को बदलने की मांग की है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

spot_imgspot_img