- लोहिया नगर के कूड़े के ढेर में गाय का शव फेंका
जनवाणी संवाददाता|
मेरठ: चार गाय की मौत ने हिला दिया है। गाय की पहले तो चारा नहीं मिलने से दुर्गति हो ही रही थी, लेकिन मृत्यु के बाद का जो मंजर देखा वो हैरान कर देने वाला है।
रविवार की सुबह नगर निगम की दिल्ली रोड स्थित गोशाला में चार गाय की मौत की खबर अफसरों को दी गई, मगर लापरवाह अधिकारियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लोहिया नगर के डम्पिंग ग्राउंड में मृत गाय को फिकवा दिया। जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली में मरी हुई गाय को ले जाया गया, उसकी वीडियो और फुटेज वायरल हो रहे हैं।
मरी हुई गाय को लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड में फेंकने की बजाय उसका क्रिया कर्म क्यों नहीं किया गया? यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। आखिर इसके लिए जवाबदेही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई लाजिमी बनती है।
यह चार गाय की मौत पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है। आखिर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से क्यों बच रहे हैं? ठीक है गाय बीमारी से मर गई या फिर भूख से मौत हो गई।
आखिर मौत कैसे भी हुई हो, मगर गाय की मृत्यु तो हो गई। एक दो नहीं, बल्कि चार गाय काल का ग्रास बन गई। अब इसके बाद सरकारी सिस्टम किस तरह से चार गाय की मृत्यु पर लीपापोती कर रहा है।
लीपापोती तो दुर्भाग्यपूर्ण है ही साथ ही महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि आला अफसर संवेदनहीन हो गए हैं। गोवंश सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट है, मगर इसके बाद भी मरने वाली गाय का क्रिया क्रम तक नहीं किया गया,उन्हें लावारिस की तरह से लोहिया नगर के डपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया।
क्योंकि जिस तरह से गाय को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर डंपिंग ग्राउंड में फेंका गया वह बेहद शर्मनाक है। क्योंकि नगर निगम के पास जेसीबी मशीन से लेकर तमाम संशाधन है।
संशाधनों की तो कमी है ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की भी लंबी-चौड़ी फौज है, फिर भी गाय को लावारिस तरह से कूड़े के डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया, जो एक सम्प्रदाय के लोगों को आहत कर देने वाली बात है।
यह तो तब है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष तौर पर गोवंश के संरक्षण की बात करते हैं, फिर भी गोवंश के प्रति इतनी निर्दयता किसी के भी समझ से परे की बात है।
वीडियो से लेकर फुटेज भी हुए वायरल
दिल्ली रोड स्थित नगर निगम के डिपो से सटकर गोवंश का पालन किया जा रहा है। डिपो के भीतर की एक वीडियो वायरल हुई है, जो जनवाणी के पास भी मौजूद है।
इस वीडियो की सत्यता के लिए फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है। सच जो भी हो सामने आना चाहिए, मगर वीडियो हैरान कर देने वाली है।
वीडियो के पहले पार्ट में दिल्ली रोड स्थित नगर निगम के डिपो को दर्शाया गया है तथा उसके अंतिम भाग में मृत पड़ी गाय को दिखाया गया है।

इसके बाद वीडिया व फुटेज में मृत पड़ी चार गाय को नगर निगम के एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर ले जाया जाता है, जिसे लोहिया नगर के डंपिंग ग्राउंड में ले जाकर लावारिस तरीके से फेंक दिया जाता है। फुटेज में नगर निगम की गाड़ी व गाय कूड़े के ढेर में पड़ी हुई साफ दिखाई देती है।
बड़ा सवाल
चार गाय मर जाती हैं। ये बड़ी खबर नहीं है, बल्कि यह बड़ी खबर है कि सरकारी सिस्टम गोवंश का ठीक से रखरखाव नहीं कर पा रहा है।
गाय को समय से चारा व पशु आहार (अनाज/खल) नहीं दे दिया जा रहा है। जो गाय मरी है, वो बहुत कमजोर थी। यदि गाय बीमार थी तो पशु चिकित्सक को क्यों नहीं दिखाई गई?
यदि पशु चिकित्सक को दिखाई गयी थी तो फिर इसका रिकॉर्ड पशु चिकित्सकों के पास होना चाहिए। पशु चिकित्सक को मालूम होना चाहिए था कि गाय की मौत कैसे हुई?
गाय का पोस्टमार्टम क्यों नहीं किया गया? पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद गाय का अंतिम संस्कार एक सम्प्रदाय के लोगों के धर्म के अनुसार ही किया जाना चाहिए था, मगर ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।
जांच कर होगी कार्रवाई
एक समाज सेवी ने इसके फुटेज व वीडियो डीएम व नगरायुक्त को भी भेजे हैं, जिसके आधार पर डीएम व नगरायुक्त ने पूरे मामले की जांच कराकर लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।


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