जनवाणी संवाददाता |
शामली: शामली ईंट निर्माता समिति की एक बैठक कैराना रोड स्थित एक बैंकट हॉल में हुई। मीटिंग में समिति ने जीएसटी ईंट भट्ठों पर जो पहले 5 प्रतिशत थी, वह अब 12 प्रतिशत तथा 1 प्रतिशत के स्थान पर 6 प्रतिशत किए जाने का विरोध किया। इस दौरान समिति के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि कोयले की बढ़ी कीमतों के कारण ईंट भटठा मालिकों के सामने काफी परेशानियां आ गई हैं। पहले कोयले का रेट 10000 रुपये प्रति टन था जो अब 25000 रुपये प्रति टन हो गया है जिससे बच्चों के संचालन में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिससे भट्ठा उद्योग समाप्ति की ओर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी सीजन 2022- 23 में ईंट भट्ठों पर पूर्ण रूप से बंधी रखी जाएगी, जब तक कि जीएसटी की बढ़ी दरें वापस नहीं होंगी। साथ ही, कोयले के रेट सामान्य नहीं होंगे कोई भी स्वामी ईंट भट्ठा नहीं चलाएगा।
शामली ईंट निर्माता समिति ने भी उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के आदेश के साथ रहने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, आगामी 30 जून तक ईंट भट्ठों का वर्तमान सीजन सम्पन्न करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान बैठक में भूपेंद्र मलिक, सुनील गोयल, कृष्ण कुमार शर्मा, नीरज बालियान, सत्येंद्र मलिक, धर्मेंद्र मलिक, रोहताश सिंह, महिपाल सिंह, सतबीर सिंह, वेदपाल चेयरमैन, विजेंद्र फौजी, बृजपाल सिंह, डॉक्टर इंद्रपाल, मांगेराम मलिक, आशीष बाबू, रामपाल सिंह एलम, हरेंद्र ताना आदि मौजूद रहे।

