- जनवाणी टीम ने की जांच-पड़ताल, दिल्ली रोड पर बेगमपुल से बिजली बंबा तिराहे तक पहुंचने में लगे दो घंटे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचने के लिए मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे होते हुए अमूमन मात्र एक से सवा घंटे का समय लगता है, लेकिन इससे इतर मेरठ शहर के बेगमब्रिज से लेकर बिजली बंबा बाइपास तिराहे के बीच की दूरी तय करें तो यह दिल्ली से भी ज्यादा समय लगेगा। इस मार्ग के बीच जगह जगह ट्रैफिक पुलिसकर्मी का तैनात न होना और ई रिक्शाओं का हुजूम और आॅटो का बेतरतीब चलना आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है।
अगर आप दिल्ली रोड से निकले तो संभलकर चले। कही ऐसा न हो कि आप घंटों अपने वाहन से बीच रास्ते में फंसकर न रह जाये। आपको अपने गंतव्य पर पहुंचने में वाहन से हांफते, रेंगते डेढ़ घंटा से ज्यादा लग जायेगा। सड़क के बीच में लगने वाला जाम और टूटी फू टी सड़कों में गहरे गड्ढे व सड़कों पर कि या हुआ अतिक्रमण जगजाहिर है।
समय: 12:05, स्थान: बेगमपुल चौराहा
जब जनवाणी टीम बेगमपुल चौराहे पर पहुंची तो वहां के चौराहे का नजारा कुछ इस तरह का था। चौराहे से दिल्ली रोड भैंसाली रोडवजे की ओर जाने वाले मार्ग की स्थिति विकट थी। जगत सिनेमा के सामने की सड़क का हाल तो कुछ ऐसा था कि ई-रिक्शाओं और आॅटो ही दिखाई दे रहे थे। सड़क क्रॉस करने में जीरो माइल की तरफ से आने वाले चौपहिया वाहनों का निकलना दुश्वार हो रहा था। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।

ट्रैफिक कंट्रोल करने के नाम पर नाममात्र के दो होमगार्ड खड़े थे। वे भी ट्रैफिक कंट्रोल करने के बजाय अपने आप में व्यस्त थे। उन होमगार्ड को इतना भी ख्याल नहीं था कि सड़क पर जाम लगा हुआ है। चौपहिया वाहन चालक तो सड़क के बीचोंबीच खड़े इन ई-रिक्शा चालकों और आॅटो चालकों को हटाने के लिए हॉर्न पर हॉर्न बजा रहे थे, लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही थी।
ये होमगार्ड भी आराम से खड़े थे। वहीं सड़कों पर भी दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ था। जिससे वाहनों के आवागमन में दिक्कत हो रही थी। यहां से निकलने में 10 से 15 मिनट का समय बीत गया। ट्रैफिक की सबसे बुरी स्थिति तो इस चौराहे पर देखी गई। जैसे तैसे ई-रिक्शा और आॅटो को हटाते हुए टीम आगे सोतीगंज की तरफ बढ़ी।
समय: 12:15, स्थान: सोतीगंज चौराहा
सोतीगंज चौराहे पर पहुंचते ही वहां पर कोई ट्रैफिक कंट्रोल करने वाला पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। बल्कि चौराहे पर वाहन चालक अपनी मनमर्जी से चौराहे को क्रॉस करते दिखाई दे रहे थे। लगता था कि हर कोई जल्दबाजी में है। जिस पर पल पल में जाम की स्थिति बन रही थी।
कई बार तो वाहन चालक पहले निकलने के चक्कर में झड़प करते देखे गये। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी न होने की वजह से हर आधा घंटे बाद जाम की स्थिति बनती रहती है। कट न होने की वजह से भी लंबी लाइन लग जाती है।
समय: 12:25, स्थान: भैंसाली रोडवेज बस स्टैंड
भैंसाली रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंचते ही जनवाणी टीम खुद जाम में फंस गई। रोडवेज बस अड्डे पर तो दांये दो गेटों से रोडवेज बसे आ जा रही थी। जिसके चलते दुपहिया वाहन से लेकर चौपहिया वाहन काफी देर तक बस अड्डे के सामने बसों को निकलने के इंतजार में वहीं खड़े ताकते देखे गये कि कब चालक अपनी बसों को वहां से आगे की ओर बढ़ाये। इसके अलावा बस अड्डे पर ठेले खोमचे वालों का अतिक्रमण और होटल दुकानों के सामने किया गया अतिक्रमण ट्रैफिक आवागमन में बाधा बनता दिखाई दिया।
यहां पर भी बेतरबीब ई-रिक्शा और आॅटो का जमावड़ा खुद जाम लगने की जुबानी बयां कर रहा था। सड़क पर चलने वाला हर वाहन चालक इन ई-रिक्शाओं से परेशान था। परेशान क्यों न हो। ये जब चाहे अपना ई-रिक्शा तेजगति से चल रहे चौपहिया वाहन के सामने से अनायास मोड़ते दिखाई दे रहे थे। उस समय तो लग रहा था कि शायद ये चौपहिया वाहन से टकरा जाये, लेकिन ऐसा नहीं था। यहां पर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी होमगार्ड के साथ ट्रैफिक कंट्रोल करने के बजाय चेकिंग करते दिखाई दिये। करीब 15 से 20 मिनट तक बीच सड़क पर खड़े रहना पड़ा।

समय: 12:45, स्थान: जलीकोठी चौराहा
यहां पर टीम पहुंची तो चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए एक भी पुलिसकर्मी या होमगार्ड नहीं था। रैपिड निर्माण की वजह से वाहन चालक सड़क क्रॉस करते रहे। जिसके फलस्वरूप कभी भी दुर्घटना घट सकती थी। जान जोखिम में डालकर सड़क क्रॉस करते रहे। जिस पर चौराहे पर पल पल में जाम की स्थिति बनती रही।
समय: 12:50, केसर गंज तिराहा
जब टीम जलीकोठी से आगे केसर गंज तिराहे पर पहुंची तो नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक सड़क क्रॉस कर आगे पहले निकलने की होड़ करते देखे गये। सामने केसर गंज पुलिस चौकी पर खड़े सिपाही और एक नीचे खड़ा होमगार्ड यातायात को कंट्रोल करने में नहीं बल्कि तमाशबीन बना रहा।
समय: 12:55, स्थान: रेलवे रोड चौराहा
रेलवे रोड चौराहा पहुंचते ही देखा चौराहे पर कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी नहीं खड़ा था। चौराहे पर वाहन चालक अपनी मर्जी से सड़क क्रॉस कर रहे थे। वहीं, डीएन कालेज के सामने ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड भी वाहनों के कागजात चेक करते देखे गये।
समय: 1:00 बजे, स्थान: मेट्रो प्लाजा
मेट्रो प्लाजा पहुंचते ही वहां देखा कि एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए नहीं तैनात था। बल्कि वाहन चालक अपनी मर्जी के मुताबिक अपने वाहनों को मोड़कर आगे बढ़ रहे थे। हालांकि यहां जाम की स्थिति नहीं देंखी गई, लेकिन फिर भी ट्रैफिक आवागमन अव्यवस्थित दिखाई दिया।
समय: 1:05, स्थान: फुटबाल चौराहा
फु टबाल चौराहा पहुंचते ही रैपिड पर कंस्ट्रक्शन होता दिखाई दिया। एक साइड से ही यातायात का आवागमन हो रहा था। जिसमें बांये साइड से ही ट्रैफिक का संचालन किया गया था। ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया से चौपहिया वाहनों को एक ही साइड से आने जाने के लिए खोला हुआ था।
जिससे सभी वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ रहे थे। शारदा रोड ब्रहमपुरी तिराहे के सामने रैपिड मेट्रो का काम जोरों पर चल रहा था। नीचे अंडरग्राउंड पर युद्धस्तर मजदूर काम कर रहे थे। जैसे-तैसे नई मंडी तिराहे पर पहुंचे। वहां पहले की तरह इस बार जाम नहीं दिखाई दिया। वाहन चालक सीधे ओवरब्रिज पर चढ़कर आसानी से निकल रहे थे।
समय: 1:30, स्थान: ओवरब्रिज मुकुट महल
ओवरब्रिज से जनवाणी टीम नीचे उतरी तो सड़क पर जाम की स्थिति नहीं दिखाई दी। बल्कि रैपिड का काम भी बनकर करीब करीब तैयार हो चुका था। लोग अपने वाहनों से रैपिड के पिलरों के दोनों से तरफ से दिल्ली रोड पर आ जा रहे थे।
समय: 1:45, स्थान: बिजली बंबा बाइपास
यहां भी रैपिड का काम चल रहा था। हालांकि जाम जैसी स्थिति नहीं दिखाई दी, लेकिन दिल्ली रोड से बिजली बंबा बाइपास जाने के लिए लोगों को कट को पार करने में दिक्कत हो रही थी।

