- खद्दरधारियों की फिर पलने लगीं हसरतें
- दारुल उलूम पर गढ़ गर्इं ‘राजनीतिक निगाहें’
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे को लेकर देवबंद की चुप्पी टूटने के बाद अब खद्दरधारी भी सक्रिय हो गए हैं। कई राजनीतिक दलों की हसरतें अब पलने लगी हैं। इन राजनीतिक दलों की निगाहें देवबंद पर आ टिकी हैं। यहां 24 सितम्बर को होने वाले इजलास में क्या फैसला होगा इसी आधार पर कई राजनीतिक दल अभी से गुणा भाग में लग गए हैं।
राजनीतिक विशलेषकों के अनुसार यदि इस इजलास में सरकार के इस फैसले के विरोध का निर्णय होता है तो कई राजनीतिक दल वोटों की राजनीति के लिए देवबंद का समर्थन करेंगे ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए वो अपनी राजनीतिक पिच तैयार कर सकें।
पता तो यहां तक चला है कि दिल्ली में कांग्रेस और लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कुछ नेता इस इजलास के लिए दारुल उलूम के बिन बुलाए मेहमान बनने की चाह भी रखते हैं। हांलाकि यह बात अलग है कि देवबंद के दरवाजे राजनीतिक हसरतें पालने वाले खद्दरधारियों के लिए हमेशा ही बंद रहे हैं। कई सत्ताधरी पार्टियां सरकार के इस फरमान का विरोध कर देवबंद और मुसलमानों की निगाहों में पाक साफ दिखना चाहती हैं,

लेकिन यहां यह भी सच है कि देवबंद कभी भी किसी भी राजनीतिक पार्टी के समर्थन का ऐलान नहीं करता। हांलाकि कई बार लाल बत्ती लगी गाड़ियां दारुल उलूम के द्वार तक इसी हसरत से पहुंचती हैं कि शायद उन्हें उनका समर्थन मिल जाएगा लेकिन ज्यादातर नेताओं को यहां से खाली हाथ मायूस होकर ही लौटना पड़ता है। अब एक बार फिर से मदरसा जांच प्रकरण ने कई रजनीतिज्ञों को चौकन्ना कर दिया है।
देवबंद से होगी लखनऊ की घेराबंदी!
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे की सरकार की मंशा के बाद देवबंद से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक और धार्मिक सभी हलकों (क्षेत्र) में हलचल तेज हो गई है। सरकार की इस मंशा के मद्देनजर प्रदेश के कई बड़े मदरसों से लेकर उलेमाओं तक के विरोध के बाद आखिरकार देवबंद भी हरकत में आ गया है। दारुल उलूम ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए हस्तक्षेप का मन बना लिया है।
इस संबंध में हांलाकि दारुल उलूम ने खुद कुछ भी साफ साफ कहने से अभी भी इंकार किया है लेकिन दारुल उलूम से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार दारुल उलूम की मजलिस-ए-तालीम (शिक्षा समिति) की बैठक में तय किया गया है कि इस पूरे मामले पर गौरो फिक्र करने के लिए इसी महीने की 24 तारीख को देवबंद में एक बड़ा इजलास आयोजित किया जाएगा। इस बड़े इजलास में उत्तर प्रदेश के बड़े मदरसों के लगभग 250 संचालक शामिल होंगे।
बताया जा रहा है कि इजलास में दारुल उलूम देवबंद के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा कई बड़े उलेमाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस इजलास में सरकार के फैसले पर विचार किया जाएगा और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नौमानी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। मोहतमिम के हस्तक्षेप के बाद पूरा प्रकरण संवेदनशील हो गया है।

