जनवाणी संवाददाता |
खतौली: जैन सुश्रावको और मुनि भक्तों ने आचार्य पुष्पदंत सागर का भव्य भाव मीना स्वागत करते हुए मंगल प्रवेश कराया आचार्य महाराज श्री मेरठ से विहार करते हुए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं में महाराज श्री की अगवानी के लिए अपूर्व उत्साह देखा गया। भक्त गण मंगल प्रवेश के लिए सेंट थॉमस स्कूल के निकट बड़ी संख्या में एकत्रित हुए स्त्री पुरुषों और बच्चों ने महाराज श्री के जयकारो तथा जैन धर्म के जयघोष से आकाश गुंजायमान कर दिया।
बैंड के कलाकार जैन धर्म की शिक्षाओं पर आधारित मधुर भक्ति जन प्रस्तुत कर रहे थे भक्तगण भक्ति नृत्य कर रहे थे। श्रद्धालु गण के साथ महाराज श्री जैन कीर्ति स्तंभ व जीटी रोड से बिहार करते हुए बिद्दी बाड़ा स्थित जक्की वाला जैन मंदिर पहुंचे। कार्यक्रम संयोजक संजय दादरी ने किया मंदिर प्रांगण में आयोजित धर्म सभा में सुशील जैन अध्यक्ष तथा अरुण नंगली ने बताया आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज पुष्पगिरी तीर्थ के संस्थापक हैं।
आपके द्वारा दीक्षा प्राण्त अनेक शिष्य मुनि पद ग्रहण करके संपूर्ण भारत में धार्मिक शिक्षाओं का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। आचार्य श्री सन् 1996 में संसध साधुओं के साथ विहार करते हुए खतौली आए थे आज पूज्य श्री के चरण खतौली में पडना हमारे लिए परम सौभाग्य का अवसर है। इस पावन अवसर पर उपस्थित धर्म प्रेमियों को महाराज श्री ने बताया जीवन में महापुरुषों की शिक्षाओं को जीवन में उतार कर जीवन को संयमित और सदाचारी बना सकते हैं। जैनत्व के संस्कारों को जीवन में उतारना है। समाज की एकजुटता सर्वोपरि है।
सामाजिक संगठन को मजबूत करना है। परस्पर सद्भावना को धारण करने से समाज में वात्सल्य बढ़ता है। एकजुटता ही सफलता की सूचक होती है संतो के प्रति आस्था धारण करो आत्मा शाश्वत है। प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा हैं जिनवाणी ज्ञान की भागीरथी है। जीवन में माता-पिता के हृदय में कभी पीड़ा मत पैदा करना जीवन में सम्यक्तव तथा सम्यक दर्शन धारण करना है। कार्यक्रम में नीरज जैन प्रवक्ता, राजेंद्र दादरी, संजय महलका, वीरेश सुधीर, आरती, अरविंद पेंट, विवेक प्रवक्ता, सुबोध, संजय एलजी, संजय मुखिया, सतेंद्र, अरिहंत सुनील टिकरी, सुरेंद्र घड़ी, सुदेश, पारस, मनोज, पुनीत, सुनील ठेकेदार आदि मौजूद रहे।