Sunday, March 15, 2026
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छात्रों की आमद को तरस रहा दिव्यांग छात्रावास

  • घाट रोड पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से करोड़ों की लागत से बनाए गए हॉस्टल में अभी तक एक भी छात्र नहीं
  • 200 छात्रों की क्षमता वाले तीन मंजिला हॉस्टल में एक दशक की अवधि में कभी दो अंकों तक नहीं पहुंची लाभार्थियों की संख्या

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से बाइपास स्थित घाट रोड पर करोड़ों की लागत से बनाए गए तीन मंजिला दिव्यांगजन छात्रावास में कोरोना काल के बाद से एक भी छात्र ने पंजीकरण नहीं कराया है। 200 छात्रों की क्षमता वाले इस छात्रावास में इस समय कोई भी छात्र पढ़ाई के लिए नहीं रह रहा है।

दिव्यांगजन अपना जीवन सामान्य ढंग से जीते हुए समाज के साथ कंधे से कंधा मिलकर चल सकें, उच्च शिक्षा हासिल करके विभिन्न विभागों में सेवा देने की योग्यता हासिल कर सकें, इसी कड़ी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के रहने और खाने-पीने की सुविधा के लिए मेरठ बाइपास पर सुभारती से आगे घाट रोड पर करीब एक दशक पहले छात्रावास बनाया गया था।

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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से बनाए गए इस तीन मंजिला छात्रावास में 200 छात्रों को रखे जाने की क्षमता है। घाट रोड पर स्थित इस छात्रावास का प्लस पाइंट यह है कि बाइपास पर छात्रावास के इर्द-गिर्द कई नामचीन उच्च शिक्षा संस्थान मौजूद हैं। जहां तकनीकी शिक्षा देने की सुविधा मौजूद है, लेकिन स्थिति यह है कि एक दशक की अवधि में इस छात्रावास में रहने वाले दिव्यांग छात्रों की संख्या कभी भी दो अंकों का आंकड़ा नहीं छू सकी है।

स्थिति यह है कि कोरोना काल में जिस समय छात्रावास को बंद करके कोविड सेंटर बनाया गया, उस समय यहां केवल ही दिव्यांग छात्रा मौजूद थे। वर्तमान शिक्षा सत्र में अभी तक एक भी छात्र की ओर से पंजीकरण नहीं कराया जा सका है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि दृष्टिबाधित, अस्थिबाधित, श्रवणबाधित छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग, चिकित्सा आदि उच्च शिक्षा के लिए नियमित रूप से पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जिसमें एससी एसटी के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपये और सामान्य वर्ग के लिए 300 रुपये है। कोंसन मनी 200 रुपये, कमरे का किराया 50 रुपये और बिजली बिल 50 रुपये मासिक देय होगा। उनका मानना है कि ज्यादातर दिव्यांग छात्र अपने कालेज के आसपास ही मौजूद हॉस्टल में रहने को प्राथमिकता देते हैं। अथवा अपने घर से आना-जाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि दिव्यांगजन के लिए बनाए गए इस हॉस्टल में अधिक छात्र रहने के लिए नहीं आ पाते।

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वहीं छात्रावास अधीक्षक समरजीत सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए विभाग की ओर से दी जाने वाली इस सुविधा के बारे में जिले के सभी उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि छात्रावास के बारे में दिव्यांग छात्र उनके नंबर 9236010828 पर संपर्क कर सकते हैं।

छात्रावास में चल रहा कौशल विकास

एक ओर दिव्यांग छात्रों की इस छात्रावास का प्रयोग करने में अधिक दिलचस्पी नहीं है। दूसरी ओर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से कौशल विकास योजना चलाई जाती है। जिसके लिए इसी हॉस्टल के भूतल में बने कमरों का प्रयोग किया जाता है। जिसमें शिक्षकगण दिव्यांग छात्रों को कंप्यूटर, टाइपिंग और शॉर्टहैंड आदि की शिक्षा देते हैं। इसके अलावा हॉस्टल परिसर से ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का मंडलीय कार्य भी संचालित किया जाता है।

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