Tuesday, April 28, 2026
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वार्डों के विकास कार्यों में भी भेदभाव

विकास कार्यों का गुणगान तो खूब किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत क्षेत्र में जाकर ही पता चलती है। यहां निगम प्रशासन ने भी कार्यों को कराने में खूब भेदभाव किया। भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में तो खूब कार्य हुए लेकिन बसपा व अन्य पार्टियों के पार्षदों के क्षेत्र में कार्य ही नहीं हो पाये। कहीं पर करोड़ों के कार्य हुए तो कहीं लाखों तक संख्या नहीं पहुंची। अब कार्य काल खत्म होने को है और अभी तक आधे से ज्यादा वार्डों में नालियां, खड़ंजे टूटे पड़े हैं। नगर निगम ने खूब भेदभाव किया कार्य कराने में यह हम नहीं यह बाते खुद निगम के पार्षदों ने कहीं है। वार्ड-33 के क्षेत्र में हुए कार्यों को लेकर जनवाणी ने हकीकत जानी तो सही तस्वीर सामने आई…

  • कहीं पर हुए कारोड़ों के कार्य तो कहीं लाख तक भी नहीं पहुंचा खर्च
  • पूरे वार्ड में नहीं दिखता कोई विकास कार्य, तालाबों पर भी हुआ कब्जा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: विकास का गुणगान करने वाली सरकार के कार्यों की पोल यहां शहर के वार्डों में खुलती नजर आ रही है। क्षेत्र के कई वार्ड ऐसे हैं जहां विकास कार्य हुए ही नहीं है आज भी लोग यहां विकास कार्यों की बांट जोह रहे हैं। नगर निगम पार्षदों का समय साल के अंत में खत्म हो रहा है।

पार्षदों को पूरे पांच साल हो जाएंगे, लेकिन अभी भी काफी संख्या में ऐसे वार्ड हैं जहां कार्य ही नहीं हुए इनमें से एक वार्ड-33 भी हैं यहां अभी तक कच्ची सड़कें, टूटी नालिया और बदहाल पार्क हैं जो कि यहां विकास कार्यों के न होने की गवाही दे रहे हैं। उधर, यहां के पार्षदों ने कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में खूब कार्य हुए, लेकिन जो अन्य पार्टी के हैं वहां अभी तक भी कार्य नहीं हो पाये हैं।

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नगर निगम की ओर से विकास कार्यों में भी भेदभाव किया गया, निगम की ओर से भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में तो खूब कार्य कराये गये, लेकिन बसपा व अन्य पार्टियों के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुए, जिस कारण पार्षद समेत क्षेत्र के तमाम लोग परेशान हैं। शहर के 90 वार्डों में से आधे से ज्यादा वार्ड ऐसे हैं जहां आज तक कार्य नहीं हो पाये हैं। इनमें एक वार्ड की बात करें तो वार्ड-33 में न गलियों का निर्माण हआ, न नालियों का और न ही यहां पार्कों को सौंदर्यीकरण हो पाया। क्षेत्र में एक कुष्ठ आश्रम भी है, जहां की सड़क आज तक नहीं बन पाई है। यहां आने जाने वाले लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

वार्ड-33 में पांच साल में भी नहीं बना मार्ग

वार्ड-33 की पार्षद सितारा बेगम के पति इदरिश ने बताया कि पिछले चार सालों में उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन उनके क्षेत्र में कार्य न के बराबर ही हो पाये। यहां तक कि घोसीपुर के पास ही कुष्ठ आश्रम बना है जहां की सड़क नहीं है। यहां कुष्ठ रोगियों को भी कच्चे मार्ग से होकर जाना पड़ता है। जिस कारण वह हादसों का शिकार होते रहते हैं। कई बार इस संबंध में पत्र दिया गया, लेकिन उसके बावजूद मार्ग का निर्माण नहीं हुआ। विकास कार्यों में भी पूरी तरह से भेदभाव किया गया। जहां भाजपा पार्षदों के वार्ड हैं वहां तो कार्य कराये गये, लेकिन हमारे वार्ड में कार्य मांग के बावजूद नहीं हो पाये। उनके साथ भेदभाव किया गया।

नालियों का नहीं हुआ निर्माण

वार्ड-33 के काजीपुर निवासी सोहनपाल ने बताया कि क्षेत्र में पिछले पांच सालों की बात करें तो न के बराबर ही कार्य हुए है। यहां नालियों का निर्माण नहीं हो पाया है जिस कारण नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। लोहियानगर के के ब्लॉक में नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है, लेकिन इन्हें ठीक नहीं कराया गया है।

पार्क भी विकसित नहीं

रिंकू ने बताया कि क्षेत्र के एल ब्लॉक और के ब्लॉक के एक भी पार्क का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। जिसके कारण क्षेत्र की जनता परेशान हैं। पार्कों की दीवारें टूटी पड़ी हैं और न ही यहां झूले आदि लगवाये गये हैं। यहां तक हालात इतने खराब हैं कि घरों का पानी पार्काें में जाता है जिस कारण लोग अक्सर परेशान रहते हैं।

सीवरेज सिस्टम बदहाल

घोसीपुर निवासी सागर ने बताया कि यहां सीवरेज सिस्टम अभी तक सही नहीं है। योजना का लगातार क्षेत्र बढ़ता जा रहा है, लेकिन सीवरेज सिस्टम सही नहीं होने के कारण घरों का पानी प्लॉटों और खाली जगहों में एकत्र हो रहा है। जिस कारण बीमारी की संभावनाएं बढ़ती जा रही है।

नहीं उठता है कूड़ा

गौरव गुर्जर ने बताया कि नगर निगम घर-घर के बाहर से कूड़ा उठाने की बात कह रहा है, लेकिन पिछले पांच सालों में यहां काजीपुर, लोहिया नगर में पिछले पांच सालों में एक बार भी गाड़ी कूड़ा लेने नहीं पहुंची। गाड़ियों सड़कों पर घूमती हैं, लेकिन कूड़ा नहीं उठाती। जबकि लोग यहां सड़कों पर ही कूड़ा फेंककर चले जाते हैं।

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