- राज्य महिला आयोग की सदस्य ने की जानसठ में जनसुनवाई
जनवाणी संवाददाता |
जानसठ: विकासखंड स्तिथ सभाकक्ष में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा तोमर नें घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की जनसुनवाई की इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुश्फेकीन अहमद व महिला कल्याण अधिकारी शिवांगी बालियान व उनकी पूरी टीम के साथ साथ नेहरू युवा केंद्र अधिकारी डीटीओ संत प्रकाश भी मौजूद रहे।
इस जनसुनवाई के दौरान 3 महिलाओं नें महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा तोमर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। पत्रकार वार्ता के दौरान महिला आयोग सदस्य प्रियंवदा तोमर नें बताया कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की आज यहां जनसुनवाई की गई है और यह बहुत ही अच्छी बात है कि यहां कोई भी जघन्य अपराध की कोई भी शिकायत नही आई है।
सभी मामले नॉर्मली है और सभी को नोट कर लिया गया है जल्द ही इन सभी मामलों का निपटारा कर लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने नाराजगी का भी इजहार करते हुए कहा कि शायद प्रचार और प्रसार में कुछ कमी रह गई है एक मामला थाना मीरापुर क्षेत्र के गांव का है जहां एक महिला ने अपने ससुराल जनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसका पति अपने पिता के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता है।
जिसको लेकर उसको प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया गया । उक्त मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा तोमर नें प्रभावी कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया ।

राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंवदा तोमर अव्यवस्थाओं को लेकर भड़की
कार्यक्रम महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की जनसुनवाई का था परंतु डीपीओ द्वारा कार्यक्रम मैं भीड़ भाड़ दिखाने को लेकर डॉ प्रियंवदा तोमर को पहले से चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में ले गए जबकि उनको उक्त कार्यक्रम की कोई जानकारी भी नहीं थी और ना ही उन्हें उक्त कार्यक्रम के बारे में कुछ बताया गया था जिसको लेकर वह भड़क उठी और उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई बाद में आनन-फानन में आंगनबाड़ियों को एक कक्ष में बैठाया गया और कार्यक्रम की औपचारिकता पूरी की गई।
जनसुनवाई कार्यक्रम में मात्र 5 शिकायतें आई बाद में राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा तोमर नेंं कम शिकायतें आने को लेकर भी नाराजगी जताई उन्होंने साफतौर पर कहा कि मैं कार्यक्रम से संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने कहा कि आयोजकों नेंं कार्यक्रम का प्रचार प्रसार नहीं किया जिसके चलते पीड़ित महिलाएं नहीं पहुंच पाई। राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियवंदा तोमर उस समय भी नाराज हो गई।
जब कुछ लड़कियों को नैपकिन वितरित करने का कार्यक्रम था जिसे बिना किसी लिफाफे के उनके सामने रख दिया गया बाद में आयोजकों नेंं कार्यक्रम के पंपलेट में ही लपेट कर नैपकिन वितरित कराएं। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा तोमर नें पंजाब केसरी के संवाददाता मोहम्मद अहसान के एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार ब्लॉक स्तर पर महिला जागरूकता के कार्यक्रम किए जा रहे हैं सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना लाभ महिलाओं को मिल रहा है इसकी भी जांच की जा रही है।
मिशन शक्ति को लेकर जागरूकता की बात भी प्रियवंदा तोमर नेंं की महिलाओं के प्रति कोई अपराध न हो इसके लिए पिंक बूथ की भी बात उन्होंने की प्रियवंदा तोमर नें आगे कहा कि घरेलू हिंसा से संबंधित अपराध 32 फीसदी और अश्लील हरकतों के अपराध 22 फीसदी दहेज से पीड़ित 18 फीसदी बलात्कार आदि के अपराध एनसीआरटी डाटा के मुताबिक उन्होंने विस्तार पूर्वक बताया।
इस दौरान मुख्य रूप से महिला आयोग के सदस्य प्रियवंदा तोमर जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुस्फेकीन अहमद नेहरू युवा केंद्र प्रभारी डॉक्टर दीप्ति एसडीएम जानसठ जैयेन्द्र कुमार डीटीओ संत प्रकाश एडीओ सुरेंद्र कटारिया आदि मौजूद रहे।

