
ज्ञात हुआ है कि बद्रीनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कारण ‘पंच-धाराओं’ में से दो धाराओं, ‘कुर्म धारा’ एवं ‘प्रहलाद धारा’ का पानी छीज रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि दो बुल्डोजर मंदिर के निचले भाग में खुदाई कर रहे हैं। इन कार्यों के दुष्प्रभावों को लेकर कई आशंकाएं जन्म ले रही हैं। मैंने विगत 9 दशकों से इस क्षेत्र की अप्रतिम, नैसर्गिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को अनुभव किया है। इसमें हो रही अंधाधुंध छेड़-छाड़ विगत कुछ समय से मेरे लिए अतीव कष्टप्रद रही है। तीन दिसंबर 2022 को मुझे बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका रखने वाले भास्कर खुल्वे से भेंट करने का अवसर मिला। मैंने उन्हें विशेषज्ञों की राय लेकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।