- पूर्व विधायक श्रद्धा देवी के पुत्र थे ज्ञानेन्द्र शर्मा
- सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर किया अंतिम संस्कार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पूर्व विधायक श्रद्धा देवी के पुत्र एवं रालोद नेता डा. ज्ञानेन्द्र शर्मा की गुरुवार देर रात कोरोना से मृत्यु हो गई। पिछले तीन दिन पहले डा. ज्ञानेन्द्र को कोरोना होने के बाद सुभारती में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की दोपहर में सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी मृत्यु की खबर से लोग स्तब्ध है।
कोविड एल-3 के मरीज केवल मेरठ मेडिकल कॉलेज और सुभारती में भर्ती कराये जा रहे हैं।
दो दिन पहले डा. ज्ञानेन्द्र शर्मा को सुभारती में भर्ती कराया गया था, जहां इन्होंने गुरुवार देर रात आईसीयू में अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे अपनी पत्नी मोनिका शर्मा और दो बच्चे जिनकी उम्र 10 साल से कम है, छोड़ गए हैं। दुखद पहलू ये है कि उनकी पत्नी भी कोविड पॉजिटिव हैं, जिन्हें घर पर क्वारंटाइन किया गया है।
कोविड-19 की वजह से मेरठ कालेज में इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रो. डा. ज्ञानेंद्र शर्मा का निधन हो गया। छात्र राजनीति से लेकर राजनीति से भी वह जुड़े थे। न्यू मोहनपुरी के रहने वाले डा ज्ञानेंद्र शर्मा की मां श्रद्धा देवी कांग्रेस से विधायक रह चुकी है। तब बनारसी दास गुप्ता प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।

ज्ञानेंद्र शर्मा लोकदल से शहर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके थे। ज्ञानेंद्र शर्मा को डायबिटीज की समस्या थी। तीन दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोविड का टेस्ट हुआ, जिसमें उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आयी थी। शहर के कई अस्पतालों ने एल-3 श्रेणी होने की वजह से उन्हें एडमिट करने से मना कर दिया। कोविड एल-3 के मरीज केवल मेरठ मेडिकल कॉलेज और सुभारती लिए जा रहे हैं।
दो दिन पहले इन्हें सुभारती में एडमिट कराया गया, जहां इन्होंने गुरुवार देर रात आईसीयू में अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे पत्नी मोनिका शर्मा और दो बच्चे जिनकी उम्र 10 साल से कम है, छोड़ गए हैं। दुखद पहलू यह है कि उनकी पत्नी भी कोविड पॉजिटिव हैं, जिन्हें घर पर क्वारंटाइन किया गया है।
मेरठ कॉलेज में शोकसभा
मेरठ कॉलेज इतिहास विभाग के प्रो.एवं छात्र नेता डा. ज्ञानेंद्र शर्मा का सुभारती अस्पताल में कार्डिक अरेस्ट के चलते देर रात निधन हो गया। मोहनपुरी निवासी डा. ज्ञानेंद्र शर्मा लंबे समय तक छात्र राजनीति से जुड़े रहे है। वह एनएएस कॉलेज के छात्र अध्यक्ष भी रह चुके थे। इतना ही नहीं वह राष्ट्रीय छात्र लोकदल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी अध्यक्ष रहे है।
उन्होंने तमाम बड़े छात्र आंदोलनों में भी भाग लिया था। उनके आकस्मिक निधन पर शहर के तमाम लोगों ने शोक जताया। ज्ञानेंद्र शर्मा की बहन डा. कुमकुम पारिख आरजी पीजी कॉलेज में एसोसिएट प्रो. के पद पर कार्यरत है। डा. कुमकुम पारिख ने बताया कि चार सालों में उनके तीन भाइयों की मृत्यु हो चुकी है। डा. ज्ञानेंद्र शर्मा का इस तरह जाना कॉलेज और समाज के लिए बड़ी क्षति है। शोक सभा में डा. राजकुमार, डा. अलका चौधरी, डा. मनोज, डा. पंजाब मलिक, डा. कपिल सिवाच आदि मौजूद रहे।

