- मोदीनगर संस्थापक के गठित ट्रस्ट के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा का मामला पहुंचा कोर्ट
- यूके मोदी व डीके मोदी प्रबंधतंत्र के बीच गहराया विवाद
जनवाणी ब्यूरो |
गाजियाबाद: मोदीनगर संस्थापक स्व. रायबहादुर गुजर मल मोदी की ओर से जनहित के लिये स्थापित किये गये ट्रस्ट व सोसाइटी में फर्जी दस्तावेजों के जरिये करोड़ों रूपयों की सम्पत्ति हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। ट्रस्ट के एक सदस्य की ओर से इस मामले में करोड़ों का गबन किये जाने के दस्तावेज पेश करने को लेकर कोर्ट के आदेश पर डॉ. केएन मोदी फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डीके मोदी व उनके पुत्र मानव मोदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इस प्रकरण के बाद मोदी समूह के प्रबंधकों के बीच अब जंग तेज होने के आसार बढ़ गये हैं।
बता दें कि मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन सीट पर गत माह मोदीनगर संस्थापक स्व. रायबहादुर गुर्जर मल मोदी के मझले पुत्र उमेश मोदी तीन दशक बाद काबिज हुए। इससे पूर्व उद्यमी उमेश मोदी व एमके मोदी के बीच औद्योगिक सम्पत्ति को लेकर कई दशकों तक विवाद रहा।
लेकिन, बाद में एमके मोदी पक्ष की ओर से सुलह होने के बाद यूके मोदी ने मोदीनगर को औद्योगिक क्षेत्र से लेकर व्यापार जगत में नई पहचान दिलाने की बात कही। विकास के इस दौर में डॉ. केएन मोदी फांउडेशन के चेयरमैन उद्यमी डॉ. डीके मोदी ने यूके मोदी के खिलाफ इंडस्ट्रीज मामले तथा मोदी भवन की सम्पत्ति में हिस्से को लेकर कोर्ट में वाद दायर कर दिया। डीके मोदी की इस पहल के बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराना शुरू हो गया।
अब उन पर मोदीनगर संस्थापक की ओर से जनहित के लिये बनाये गये चैरिटबल, एजुकेशनल ट्रस्ट, सोसाइटी में फर्जीवाड़ा किये जाने के मामले को लेकर मोदी चेरिटबल फंड सोसाइटी के एक सदस्य ने कोर्ट में रिट दायर की है। आरोप लगाया है कि संस्थापक की ओर से गठित सोसाइटियों का गठन एजुकेशन व जनहित के लिये हुआ था, लेकिन डॉ. डीके मोदी व उनके पुत्र मानव मोदी ने मिलकर सोसाइटी की करोडो रूपयों की भूमि को फर्जीवाड़ा कर बजरिये गिफ्ट डीड के जरिये आठ माह पूर्व 19 मार्च को डॉ. केदारनाथ मोदी इंस्टीयूट आफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ट्रस्ट में हस्तांतरित कर दिया।
करोड़ो रूपयों के गबन के इस मामले में गाजियाबाद की पंचम कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मोदीनगर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिये हैं। शिकायतकर्ता की ओर से शपथ पत्र से लेकर अभिलेख तक दाखिल किये गये हैं। बहरहाल, इससे पूर्व आरोपित डॉ. डीके मोदी प्रबंधतंत्र की ओर से यूके मोदी प्रबंधतंत्रो के खिलाफ भी साजिशन शिक्षण संस्थान पर नुकसान पहुंचाने व अन्य आरोप लगाये जा चुके हैं। आरोप प्रत्यारोप के इस दौर के चलते मोदी समूह के उमेश मोदी व डीके मोदी पक्ष के बीच विवाद गहराने के आसार बन गये हैं।

