Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

दिल्ली: जानिए, निर्वाचन आयोग ने क्यों बंद की चुनाव प्रक्रिया ?

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: तीनों नगर निगमों का विलय करने की कवायद शुरू होने पर दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने की प्रक्रिया बंद कर दी है। आयोग ने चुनाव कार्य से जोड़े गए दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों को कार्य मुक्त कर दिया है। इसके अलावा इन अधिकारियों के कार्यालय में चुनाव कार्य के लिए विभिन्न विभागों से बुलाए कर्मचारियों को भी वापस भेजना शुरू कर दिया है।

केंद्र सरकार ने 9 मार्च को आयोग को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने से मना कर दिया था। अब केंद्र ने तीनों नगर निगमों का विलय करने की कवायद आरंभ कर दी है। इस दौरान वार्डों की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया है। लिहाजा, वार्डों का परिसीमन नए सिरे से करना होगा। इस कारण फिलहाल चुनाव नहीं हो सकते, क्योंकि वार्डों का परिसीमन करने में एक वर्ष तक समय लग सकता है।

इसलिए आयोग ने चुनाव कराने की प्रक्रिया बंद करने का निर्णय लिया है। आयोग ने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग का कार्य करना शुरू कर दें। इसके अलावा उनके कार्यालय में आए दूसरे विभागों के कर्मचारियों को भी वापस भेजने का फरमान सुनाया है। हालांकि, आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए भी निर्देश दिए हैं। उन्हें बताया गया है कि चुनाव कार्य के लिए उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है।

दूसरी ओर आयोग ने कश्मीरी गेट स्थित निगम भवन में अपने कार्यालय से सामान भी वापस भेजना शुरू कर दिया है। आयोग ने बड़ी संख्या में मेज एवं कुर्सी किराए पर ली थी। इसी तरह किराए पर लिया अन्य सामान भी वापस करने का निर्णय लिया है।

272 वार्डों के लिए 72 रिटर्निंग अधिकारी किए थे नियुक्त दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग ने तीनों नगर निगमों के 272 वार्डों के चुनाव कराने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के 72 अधिकारियों को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया था। उनकी सहायता के लिए 272 सहायक निटर्निंग अधिकारी भी नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों के लिए विभिन्न विभागों से करीब 20-20 कर्मचारी बुलाए गए थे। आयोग ने जिला अधिकारी और पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए थे।

एकीकरण पर आप ने दिया चर्चा का नोटिस

दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक 2022 को राज्यसभा में लाने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है।

नोटिस में पेश किए जाने वाले विधेयक के संदर्भ में सदन की प्रक्रिया और संचालन नियम 67 का हवाला दिया गया है। संजय सिंह ने नोटिस दिए जाने की जानकारी देते हुए दावा किया, दिल्ली के बारे में कोई भी फैसला लेने का अधिकार केवल राज्य की चुनी हुई सरकार को है।

मोदी सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान का गला घोंट रही है। नोटिस में सिंह ने कहा है कि दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक-2022 को उच्च सदन में पेश नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, नियम 67 कहता है कि यदि विधेयक सदन की विधायी क्षमता का नहीं है तो विधेयक को पेश करने का विरोध किया जा सकता है।

आप सांसद ने लिखा, संविधान के भाग नौ ए के अनुसार नगर पालिकाओं के कामकाज के सभी पहलुओं पर कानून बनाने की जिम्मेदारी राज्य विधानसभा की है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस विधेयक को लाने का कोई हक नहीं है। इसलिए वह सभापति से अनुरोध करते हैं कि वह इस विधेयक को सदन में पेश करने की अनुमति न दे और सरकार को इसे वापस लेने का आदेश दे।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img