Tuesday, March 17, 2026
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कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मेयर और नगरायुक्त को घेरा

  • नगरायुक्त व मेयर ने उन्हें उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम कर्मचारी संघ, जलमल कर्मचारी संघ और भारतीय संविदा आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर मेयर और नगरायुक्त का घेराव किया। नगरायुक्त व मेयर ने उन्हें उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया। नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष विनेश मनोठिया और महामंत्री कृष्ण वैद के नेतृत्व में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार के बाहर प्रदर्शन कर महापौर हरिकांत अहलूवालिया और नगरायुक्त अमित पाल शर्मा का घेराव किया।

उन्होंने नगर निगम में आबादी के हिसाब से 5400 सफाईकर्मियों की जरूरत बताते हुए भर्ती करने की मांग की। नैनल बनाकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ देने की मांग की। उन्होंने नगरायुक्त को दस सूत्रीय मांगों का एक पत्र दिया। उधर, जलमल कर्मचारी संघ नगर निगम के अध्यक्ष सुखबीर सिंह व महामंत्री फय्याज हसन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर महापौर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में सीवर गैंग में दैनिक वेतन पर बेलदार के पद पर 1993 से कार्यरत बाबूराम व नरेन्द्र को मात्र साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने दोनों को पीडब्ल्यूडी के शेड्यूल के अनुसार मानदेय देने की मांग की।

महापौर ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। भारतीय संविदा आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश सूद, महामंत्री अंकुश महरौल, दीपक मनोठिया आदि ने सभागार के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने महापौर और नगरायुक्त का घेराव किया। उन्होंने प्राइवेट कंपनियों की तरह नगर निगम के 2415 आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को अक्टूबर माह के वेतन के साथ बोनस देने की मांग की। एआईएमआईएम के पार्षद फजल करीम ने महापौर को ज्ञापन देकर 15 वित्त आयोग के पैसे से दलित, मलिन, अल्पसंख्यक बस्तियों में भी आरसीसी के नाले, ग्रीन बेल्ट, सीसी रोड के विकास कार्य कराने की मांग की। उन्होंने पानी की पाइप लाइन की लीकेज बंद कराने की मांग भी की।

मंच पर डटा रहा पार्षद पति

नगर निगम की बोर्ड बैठक में मेयर, पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों व मीडियाकर्मियों को बैठने की अनुमति थी, महिला पार्षदों के पति व अन्य संबंधियों को सभागार में घुसने की अनुमति नहीं थी, लेकिन वार्ड-37 से महिला पार्षद दीपिका शर्मा के पति भरत शर्मा मंच पर नजर आए। नगर निगम की बोर्ड बैठक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित की गई थी। बैठक में महापौर हरिकांत अहलूवालिया, अधिकांश पार्षद व नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कई बार हंगामा होने पर बाहरी लोग भी घुस गए।

ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को खतरा खड़ा हो गया। मेयर ने स्वयं लाउडस्पीकर से ऐलान किया कि पार्षदों, निगम के कर्मचारियों और मीडियाकर्मियों के अलावा अन्य व्यक्ति सभागार बाहर चले जाएं। पुलिस ने बाहरी लोगों को सभागार से बाहर निकाल दिया, लेकिन वार्ड-37 से महिला पार्षद दीपिका शर्मा के पति भरत शर्मा मंच पर चढ़ गए और काफी देर तक वहां डटे रहे। उन्हें किसी ने बाहर जाने के लिए नहीं कहा।

कबूतरों की गंदगी साफ कराने को लेकर उग्र

पार्षद अरुण मचल ने कहा कि एक पार्षद अपने घर में सफाईकर्मी से कबूतरों की गंदगी साफ करता है, एक पार्षद अपने घर में झाड़ू पोछा लगवाता है और गाड़ी भी धुलवाता है। इसको लेकर उन्होंने हंगामा किया। एक आरोपी पार्षद ने कहा कि उनके यहां मौत हो गई थी, इसलिए उन्होंने घर के आंगन में झाड़ू लगवाई थी। अरुण ने कहा कि किसी भी पार्षद के घर में सफाईकर्मी से काम नहीं लेने दिया जाएगा, नहीं तो मैं डंडा लेकर आ जाऊंगा।

पार्षदों में नोकझोंक, बोलने न देने पर एक ने सदन छोड़ा

संदीप रेवड़ी ने संजय सैनी व कुलदीप कीर्ति पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष की बोली बोल रहे हैं। इसको लेकर संजय सैनी ने विरोध जताया कहा कि वह उन्हें बोलने नहीं दे रहे। जब वह सदन में बोल नहीं सकते तो वह बैठक में बैठकर क्या करेंगे। वह बैठक से चले गए।

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