जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के सघन जंगलों में शनिवार, 5 जुलाई 2025 को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। एक समाचार एजेंसी द्वारा पुलिस सूत्रों के हवाले से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक वांछित नक्सली मारा गया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ उस दुर्गम इलाके में हुई, जहां घने जंगल और बीहड़ भूभाग नक्सलियों के छिपने और regrouping के लिए आदर्श स्थल माना जाता है। गुप्त सूचना मिलने के बाद दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया, जिसके जवाब में दोनों ओर से तीव्र गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने एक कुख्यात नक्सली को ढेर कर दिया, जबकि अभियान अभी भी जारी है।
गोलीबारी इतनी जबरदस्त थी कि पूरे जंगल में उसकी गूंज सुनाई दे रही थी। सुरक्षाबलों के जवान, जो पूरी तरह प्रशिक्षित और अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे, ने नक्सलियों का डटकर मुकाबला किया। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में आखिरकार सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली और एक नक्सली मारा गया। हालांकि, कुछ अन्य नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी
इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। मारा गया नक्सली किस संगठन से जुड़ा था और उसकी क्या पहचान है, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ऐसी घटनाओं से नक्सलियों के हौसले पस्त होते हैं और आम जनता में सुरक्षाबलों के प्रति विश्वास बढ़ता है।
संयुक्त अभियान: दंतेवाड़ा-बीजापुर डीआरजी की संयुक्त कार्रवाई ने समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
सटीक सूचना: गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई ने सफलता सुनिश्चित की।
जवाबी हमला: सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया।

