जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मंजिलें उन्हें ही मिलती है जो कठिन डगर पर चलना जानते है, सपने उनके ही पूरे होते है जो अपने सपनों को पूरा करने का हुनर जानते हैं। यह बात शुक्रवार को जनवाणी टीम से बात करते हुए पीसीएस में सफलता हासिल कर अधिकारी बने अभ्यर्थियोें एवं उनका मार्गदर्शन करने वाले उनके गुरु ने कही।
उन्होंने कहा कि अगर सपनों को पूरा करना है तो अपनी परीक्षा की तैयारी करते समय सिर्फ अपने सपने के बारे में सोचे। किसी को भी रोल मॉडल मानने के जगह अपने आपको रोल मॉडल माने। जीवन में कई बार विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उन परिस्थितियों से कभी भी डरे नहीं बल्कि विषय परिस्थितियों को अपने पक्ष में करते हुए अपनी मंजिल की तरफ बढ़े।
क्योंकि जब हम अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते जाते है तो हमारा दृढ़ लक्ष्य ही हमे अलग पहचान दिलाता है। और जिस सपने को हम पूरा करना चाहते हैं वह सपना पूरा होता हैं।
सिविल एकेडमी के चेयरमैन अभिषेक शर्मा ने अपनी एक कविता से विषय पर बोलते हुए कहा कि मानव बुद्धि है प्रखर, पाने को सर्वोच्च शिखर, तू ही अपना भाग्य विधाता, करता जा तू श्रेष्ठ कर्म, मानव तू कर प्रयत्न, अगर तुझमें है लगन, है दृढ़ आत्म विश्वास, मिलेगी तुझको मंजिले, सफलता का ऊंचा आकाश।
उन्होंने कहा कि पीसीएस परीक्षा के साथ बहुत आकर्षण जुडे है। वहीं, एक लम्बी चयन प्रक्रिया के कारण यह युवाओं के भविष्य के साथ विभिन्न अनिश्चििततओं को भी जोड़ देती है। अंत यह परम आवश्यक है कि इस परीक्षा के प्रत्येक चरण की तैयारी सावधानी से सही दिशा में की जाए।
मुख्य परीक्षा आपके विशेषज्ञ ज्ञान तथा लेकर क्षमता का परीक्षण है, जो दीर्घकालिक प्रयासों के उपात ही विकिसत किया जा सकता है। एक विषय की चार पुस्तके पढ़ने से अच्छा है एक ही पुस्तक को बार बार पढ़े। अगर विश्वास है तो युवाओं को हर मंजिल मिल जाएगी।

गरीबी के बाद भी युवा पीसीएस आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचते है। जो इस बार संजू रानी ने भी करके दिखाया है। संजू का विश्वास और उसकी कठिन परिस्थितियों ने ही आज उसकों उसके मुकाम पर पहुंचाया है।
पीसीएस परीक्षा-2018 उत्तीर्ण कर वाणिज्य कर अधिकारी बनी संजू रानी ने कहा कि जीवन में कठिनाईयों से हार मानक कभी भी अपनी मंजिलों को नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि जीवन में कठिन परिस्थिति ही एक सक्षम अधिकारी बनने के लिए काफी सार्थक होती है। साथ ही हमें किसी को भी रोल मॉडल मानने के जगह अपने आपको रोल मॉडल मानना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनको घर से पीसीएस परीक्षा के लिए कोई सपोर्ट नहीं मिला, लेकिन उनकी जिद थी कि वह अधिकारी बनकर समाज कर इस सोच को बदलेगी कि बेटिया कुछ नहीं कर सकती। इसलिए उन्होंने अपने परिवार से दूर रहकर अपने गुरु व अपने दोस्तों के साथ इस मंजिल को पाया।

सहायक आयुक्त उद्योग अधिकारी के रूप में चयनित होने वाली इशिता मित्तल ने कहा कि किसी भी मुकाम को पाने से पहले हमे अपने आपको उस मुकाम के लिए खुद को तैयार करना होगा। जब अपने आप को तैयार कर लेगे तो उस मुकाम को पाने में कितना ही समय क्यों लगे, लेकिन वह मुकाम हमें मिल जाएगा। परीक्षा पास करने के लिए कभी भी शार्टकट न अपनाए, बल्कि सिलेबस के बेसिक की अच्छे से तैयारी करें। उन्होंने कहा कि पीसीएस परीक्षा में सफलता अपनी मेहनत के आधार पर मिलती है, न कि सिफारिसों से।

आबकारी अधिकारी के पद पर चयन होने वाले क्षितिज ने कहा कि वर्तमान समय में सिविल सेवा से जुड़ी परीक्षाओं में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इसलिए युवा अपने भविष्य को फोकस करते हुए एक राह को चुने। जीवन में कई बार विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उन परिस्थितियों में ही हमे अपने भविष्य की नींव रखनी होती है। क्योंकि ऐसे परिस्थितियों में ही हमें एक सक्षम अधिकारी बनने की नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि युवा अनेक प्रकार की परीक्षाओं की तैयारी करते है। जिससे उन्हें सफलता मिलने में कठिनाइयां मिलती है। इसलिए अपने भविष्य पर फोकस करते हुए अगर एक से पैटर्न पर आधारित परीक्षा हो तो करें अन्यथा एक ही परीक्षा पर पूरा फोकस करें। इंटरनेट के युग में हम युवाओं के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं नेट पर उपलब्ध हो जाती है। इसलिए युवा उनका सदुपयोग करते हुए अपने सपने को पूरा करें।

