जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार रात करीब 9 बजे एक बम धमाका हुआ, जब एक मालगाड़ी का इंजन ट्रैक पर गुजर रहा था। धमाका इतनी जोरदार था कि इससे इंजन के शीशे टूट गए और ट्रैक को भी हल्का नुकसान हुआ। इस हमले में एक लोको पायलट के घायल होने की सूचना है, जबकि सुरक्षा अधिकारी अनिल शर्मा को मामूली चोटें आईं। घटना की सूचना देर रात 11 बजे राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दी गई, और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय, आतंकी साजिश की जांच जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि धमाका तकनीकी खराबी के कारण भी हो सकता है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी साजिश से जोड़कर भी जांच रही हैं। इस बीच, रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह भी मौके पर पहुंचे और मामले की समीक्षा की। गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं, जिससे राज्य भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मालगाड़ी से जुड़ा धमाका, यात्री ट्रेनों को कोई खतरा नहीं
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह धमाका उस रेलवे पटरी पर हुआ है जहां केवल मालगाड़ियां चलती हैं, और इस कारण आम जनता या यात्री ट्रेनों के लिए कोई खतरा नहीं है। हालांकि, धमाके के बावजूद, सुरक्षा अधिकारी अनिल शर्मा पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
राजनीति में तकरार, पंजाब की सुरक्षा पर सवाल उठे
सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास धमाके के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह धमाका किसी सामान्य अपराध का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पंजाब को अस्थिर करने और डर फैलाने की जानबूझकर कोशिश हो सकती है। राज्य सरकार को यह समझना होगा कि इस अराजकता से किसे फायदा हो रहा है और इसे रोकने में नाकामी क्यों हो रही है?”
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने भी इस धमाके पर चिंता जताई और इसे पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने कहा, “यह घटना दशकों की अशांति के बाद मिली शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। सरकार को इस तरह के हमलों को रोकने में असफलता पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियां चौकस
यह धमाका गणतंत्र दिवस के दो दिन पहले हुआ है, जब राज्य में सुरक्षा अलर्ट जारी था और सरकार ने कुख्यात तत्वों के खिलाफ बड़े अभियान की घोषणा की थी। इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन को त्वरित जवाबदेही की आवश्यकता महसूस हो रही है।



