Friday, March 20, 2026
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राकेश टिकैत के आंसू के एक-एक बूंद का हिसाब लेगा किसान: बाबूराम तोमर

  • भाकियू कार्यकर्त्ताओं ने 1 फरवरी को दिल्ली कूच करने का किया एलान
  • किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने एसडीएम को दिया ज्ञापन

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: तीन कृषि बिलो को वापस कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में गाजीपुर (दिल्ली) बॉर्डर पर 65 दिन से चल रहे किसान आंदोलन को जबरन तरह तरह से बदनाम कर भारी फोर्स के तानाशाही के बल पर उठाने के प्रयास के विरोध में भाकियू कार्यकर्त्ताओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए ग्राम जगदीशपुर उर्फ बाजोपुर में पंचायत कर एक फरवरी को गाजीपुर बार्डर कूच करने का एलान किया। भाकियू प्र्रांतीय नेता बाबूराम तोमर ने कहा साजिश रचने से हमारे नेता राकेश टिकैत की आंखो से निकलने वाली एक एक बूंद का हिसाब किसान लेकर रहेगा।

नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर उर्फ बाजोपुर में सड़क पर पल्ला बिछाकर की गई पंचायत में ग्राम खाई खेड़ी , सादातपुर, कुतुबपुर नंगली, श्रवणपुर, सैदपुर मीरा, गजरौला, बजोवाला, भोनावाला, आदि गावों के क्षेत्रीय भाकियू कार्यकतार्ओं ने विरोध जताया।

भारतीय किसान यूनियन के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, विवेक कुमार, बिरेश राणा, अमित कुमार, गौतम तोमर और विशाल चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एक फरवरी को बिजनौर के आईटीई कॉलेज की फील्ड में होने वाली किसानों की महापंचायत को सफल बना कर बिजनौर से ही दिल्ली कूच करने का एलान किया।

पंचायत की अध्यक्षता किसान नेता ऋषिपाल सिंह ने की। पंचायत में विवेक चौधरी, ग्राम प्रधान खुशनुदा, गौतम तोमर, सुधीर ,शाकिर, नीटू सिंह, जसविंदर सिंह, याकूब, केशव कश्यप, रॉबिन, संजय, राहुल कश्यप, सरदार गुरमेल सिंह, सलमान, विशाल चौधरी, आदिल, अजीम, आसिफ, लक्की, भूरे, रचित, तुषार, विपिन, जोगिंदर सिंह, ऋषभ चौधरी, राजन ठाकुर आदि उपस्थित रहे। संचालन बाबूराम तालान ने किया।

इधर कृषि बिलों को वापस लेने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम नजीबाबाद को सौंपा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शनिवार को धीरेन्द्र सिंह एड. की अध्यक्षता एवं फईम अहमद एड. के संचालन में तहसील एकत्रित हुए नजीबाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एसडीएम बृजेश कुमार को सौंपे ज्ञापन में कहा कि प्रदेश व देश के किसानों के विभिन्न संगठनों के किसान पिछले करीब दो माह कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में धरने पर बैठे हुये है।

जिनको पुलिस व प्रशासन प्रताड़ित कर रहा है। परन्तु भारत सरकार इस पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। भारत के किसान देश की रीढ़ की हड्डी है किसानों की मांग के समर्थन में एवं उन्हें प्रताड़ित किए जाने का नजीबाबाद बार संघ विरोध करता है। ज्ञापन देने वालों में सुभाष चंद, नौशाद अहमद, खुर्शीद आलम, मौ. आरिफ, सुहैल खां, वसीम अहमद, रामकुमार, घनश्याम सिंह समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।

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