- पुलिस ने अफसरों और कर्मचारियों को कराया बंधनमुक्त
- भाकियू आंदोलनकारी का सीएमओ दफ्तर पर धरना जारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भाकियू आंदोलनकारी संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों का स्वास्थ विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएमओ कार्यालय पर धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। सरधना और मवाना समेत कई स्थानों पर अवैध अस्पताल और पैथोलॉजी लैब को बंद न करने के विरोध में किसानों ने शाम को सीएमओ व कई अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को दफ्तर में बंधक बनाकर ताले डाल दिए। इससे सीएमओ दफ्तर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताले खुलवाए और अफसरों व कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराया। उधर, उक्त संगठन ने मांगें पूरी न होने तक सीएमओ कार्यालय पर धरना जारी रखने का ऐलान किया।
भाकियू आंदोलनकारी के युवा प्रदेश प्रभारी अनुभव त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने शुक्रवार को भी धरना प्रदर्शन किया। शाम तक जब कोई अधिकारी वार्ता करने आंदोलनकारियों के बीच नहीं पहुंचा तो उन्होंने अधिकारियों को बंधक बनाने का निर्णय लिया। शाम करीब चार बजे कार्यकर्ताओं ने उक्त दफ्तर के दोनों गेट पर ताले जड़ दिए और सीएमओ डा. अखिलेश मोहन, एसीएमओ डा. सुधीर, एसीएमओ डा. कांतिप्रसाद व अनेक कर्मचारियों को बंधक बना दिया। यह देख अफसरों के होश उड़ गए।
उन्होंने थाना सिविल लाइन को सूचना दी। थाने से इंस्पेक्टर बड़ी संख्या में फोर्स लेकर सीएमओ दफ्तर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से बात की और ताले खुलाकर अफसरों व कर्मचारियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकाला। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक सीएमओ कार्यालय पर उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

