जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बुधवार शाम हनुमानगढ़ के राठीखेड़ा गांव में अनाज-आधारित इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में जुटे सैकड़ों किसानों और पुलिस के बीच तीखा संघर्ष हो गया। आक्रोशित किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणाधीन फैक्ट्री की चारदीवारी ढहा दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
हंगामा इतना बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन की लगभग 16 गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। घटना स्थल पर मौजूद कांग्रेस विधायक अभिमन्यू पूनिया भी लाठीचार्ज में घायल हो गए और उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी चोटिल हुए हैं।
पूरा मामला क्या है?
चंडीगढ़ स्थित ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड राठीखेड़ा गांव में 40 मेगावाट का अनाज-आधारित इथेनॉल प्लांट स्थापित कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को मजबूती देगी।
लेकिन विवाद की जड़ यह है कि कंपनी का पर्यावरण स्वीकृति (EC) का आवेदन 2022 से लंबित है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि बिना पर्यावरण मंजूरी के ही निर्माण कार्य तेजी से चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र पर पर्यावरणीय असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसी कारण किसान लंबे समय से इसका विरोध कर रहे थे।
बुधवार दोपहर किसानों ने टिब्बी एसडीएम कार्यालय के बाहर बड़ी सभा की। इसके बाद शाम करीब 4 बजे सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ प्लांट साइट की तरफ बढ़े। जैसे ही वे फैक्ट्री पहुंचे, विरोध उग्र हो गया, चारदीवारी तोड़ दी गई और इसके बाद पुलिस के साथ भिड़ंत शुरू हो गई।
श्रीगंगानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुन्नर का राठीखेड़ा कूच का ऐलान
घटना के बाद श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और करणपुर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर ने घोषणा की कि वे हजारों कार्यकर्ताओं के साथ राठीखेड़ा कूच करेंगे। कुन्नर का कहना है कि किसानों के हक की लड़ाई चाहे सड़क पर लड़ी जाए या विधानसभा में कांग्रेस पूरी ताकत से उनका साथ देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और किसानों से बड़ी संख्या में राठीखेड़ा पहुंचने की अपील की है।
प्रशासन सतर्क, इंटरनेट सेवा बंद
झड़प के बाद टिब्बी कस्बे और आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है, जबकि स्कूल, कॉलेज और दुकानें बंद करा दी गई हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक कंपनी को पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलती और स्थानीय लोगों की सहमति नहीं ली जाती, वे फैक्ट्री का विरोध जारी रखेंगे। वहीं, कंपनी के निदेशक जतिंदर अरोड़ा और रॉबिन जिंदल की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
किसने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने टिब्बी में हुए पुलिस बल प्रयोग को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने घायल विधायक अभिमन्यु पूनिया के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई में मजबूती से खड़ी है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि सरकार कॉरपोरेट दबाव में पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने की जिम्मेदारी से बच रही है।
विधायक अभिमन्यु पूनिया, जो लाठीचार्ज में घायल हुए, ने अस्पताल से संदेश भेजकर कहा कि वे सुरक्षित हैं। उन्होंने घटना को किसानों के अधिकारों के खिलाफ षड्यंत्रपूर्ण हमला बताया और कहा कि किसी भी तरह की धमकी उनकी शांतिपूर्ण लड़ाई को नहीं रोक पाएगी।

