Thursday, April 25, 2024
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शासन को गुमराह कर मुकदमा दर्ज कराया: बीएस सिद्धू

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  • अदालत ने पूर्व डीजीपी को दी है राहत, पूर्व डीएफओ को किया है तलब
  • अब शासन को तय करना है अदालत का आदेश माने या ना माने
  • दस सालों में एक भी आरोप के सबूत सामने नहीं आये

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: 10 साल पहले वन विभाग की डेढ़ हेक्टेयर जमीन और 250 पेड़ों के कटान के मामले में पूर्व डीजीपी उत्तराखंड बीएस सिद्धू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पर पूर्व डीजीपी का कहना है कि यह सरासर राज्य सरकार को गुमराह कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। जबकि इस मामले में उनके खिलाफ दस साल से अब तक कोई भी सबूत सामने नहीं आया है।

गत 10 अक्टूबर 2022 को शासन से अनुमति मिलने के बाद थाना राजपुर में धोखाधड़ी का मुकदमा पूर्व डीजीपी सिद्धू सहित सात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। यह मुकदमा मसूरी रेंज के प्रभागीय अधिकारी आशुतोष सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के अलावा महेंद्र सिंह, नत्थूराम, दीपक शर्मा, स्मिता दीक्षित, सुभाष शर्मा और कृष्ण सिंह के खिलाफ धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120, 166 और 168 आईपीसी और सात भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

शासन की अनुमति के बाद इस मुकदमे की जांच सीओ मसूरी जूही मनराल को सौंपी गई। पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू का कहना है कि कोई शासन को गुमराह करके उनके खिलाफ साजिश रच रहा है और मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि उनकी तरफ से कोई गलत काम नहीं किया गया है। 10 साल से उनके खिलाफ लगे आरोपों में सबूत भी सामने नहीं आया है।

शासन को पत्र लिखकर अदालतों के आदेशों के बारे में अवगत कराया है। शासन को अगर किसी ने गुमराह किया होगा तो अदालतों के आदेश तस्वीर साफ कर देगा। कोई भी शासन अदालतों के आदेश के बाद अवहेलना नहीं कर सकता है। पूर्व डीएफओ धीरज पांडेय को अदालत ने दोषी मानकर तलब किया है और माना है कि पेड़ धीरज पांडेय ने काटे हैं और बीएस सिद्धु को झूठा फंसाया गया है। इसके बाद भी गुमराह करके मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब शासन को देखना है कि वो अदालत के आदेश मानता है या उसे नकारता है।

गौरतलब है कि अदालत ने उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक बी एस सिद्धू को राहत देते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले पूर्व डीएफओ धीरज पांडेय समेत छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए पांच दिसंबर को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया है।

इन सभी के खिलाफ फैसला देते हुए द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने कहा कि इन सबके खिलाफ दंडनीय अपराध का संज्ञान लिया जाता है। यह मामला इस लिहाज से भी बेहद गंभीर माना जा सकता है कि जिन धीरज पांडेय को फर्जीवाड़ा करने की एवज में समन जारी किया गया है, वो आजकल जिम कार्बेट पार्क के निदेशक जैसे अहम पद पर विराजमान है।

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