Saturday, March 7, 2026
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महिला डाक्टर समेत तीन झोलाछाप पर एफआईआर

  • अवैध रूप से संचालित हो रहे नर्सिंगहोम व झोलाछापों के खिलाफ जारी है अभियान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक महिला चिकित्सक समेत खुद को डाक्टर बता कर भोले भाले लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले तीन झोलाछापों के खिलाफ आज बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने एफआईआर दर्ज करायी है। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित किए जा रहे नर्सिंगहोमों व झोलाछापों के खिलाफ संगठित होकर अभियान छेड़ा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर यदि यकीन किया जाए तो अब तक करीब सौ ऐसे नर्सिंगहोमों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं जो कायदे कानून ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे थे।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन के तेवरों से अभी लगता नहीे कि कायदे कानून न मानने वाले नर्सिंग होमों को किसी प्रकार की रियायत के मूड में स्वास्थ्य विभाग है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई आज बुधवार को सामने आयी। सीएमओ ने जानकारी दी कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार तथा एक ठोस व गुप्त सूचना के बाद विभाग की लंबी जांच पड़तान करने के बाद खुद को डाक्टर बताने वाली ज्योति चौधरी पत्नी उस्मान उल हक निवासी श्याम नगर खजूर का पेड़ थाना लिसाड़ीगेट, डेंटल क्लीनिक संचालित करने वाले खालिद पुत्र इकबाल निवासी श्याम नगर व दानिश पुत्र मोहम्मद अनीस निवासी फतेउल्लापुूर अंबेडकर चौक जो अमन क्लीनिक के नाम से खुद को डाक्टर बताकर भोले भाले लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे थे,

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इन सभी के खिलाफ थाना लोहिया नगर में एफआईआर दर्ज करायी गयी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि ये लोग जिन इलाकों में डाक्टरी के पेशे को शर्मसार करने वाला काम कर रहे थे, वहां इलाज के लिए आने वाले लोगो को इन्होंने अपनी डिग्री को लेकर तमाम प्रकार की बातें बता रखी थीं। इसी की शिकायत मिली थी जिसके बाद जांच के उपरांत इनके खिलाफ लोहिया नगर थाना में एफआईआर दर्ज करायी है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग का अवैध नर्सिंगहोमों के खिलाफ भी अभियान जारी है। ऐसे नर्सिंगहोम जिनके बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं, उनकी जांच पड़ताल कर लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं। आकंड़े बता रहे हैं कि अब तक सौ के लाइसेंस खत्म किए जा चुके हैं।

दो दिन में डेंगू के 32 केस

मेरठ: जनपद में डेंगू तेजी से पांव पसारता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो डेंगू की रफ्तार अब डरावनी हो चली है। दो दिन में डेंगू के 32 केसों से हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सीएमओ कार्यालय में सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बुधवार को डेगू के दस नए केसों की जानकारी दी है। इससे पहले मंगलवार को डेंगू के 22 केस सामने आए थे। इससे एक दिन और पहले यानि बीते 18 सितंबर को डेंगू के केसों का आंकड़ा 17 पर था। तीन दिन के आंकडेÞ डेंगू के वायरस की गंभीरता को बताने के लिए काफी हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने लोगों से अपील की है कि मच्छरों से बचें, घर के आसपास कहीं भी पानी न जमा होने दें। पानी में ही मच्छर पैदा होता हैं। शरीर को ढक कर रखें।

कुलंजन में संदिग्ध परिस्थिति में महिला की मौत

सरधना: क्षेत्र के कुलंजन गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। जिसको लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चा फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि परिजन महिला को कई दिन से बुखार होने की बात कह रहे हैं। परिजनों के अनुसार बुखार के चलते महिला की मौत हुई है।

कोतवाली क्षेत्र के कुलंजन गांव निवासी प्रवीण प्राइवेट नौकरी करता है। मंगलवार की रात संदिग्ध परिस्थिति में प्रवीण की पत्नी अनीता की मौत हो गई। बुधवार सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। महिला की मौत को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चा फैल गई। मामला पुलिस तक पहुंचा तो वह भी हरकत में आ गई। जांच करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा तो एक युवक को हिरासत में ले लिया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है। वहीं महिला के ससुराल वाले बुखार के कारण उसकी मौत होने की बात कह रहे हैं। परिजनों के अनुसार महिला को कई दिन से बुखार था। बुखार के चलते रात में उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। इस संबंध में इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी का कहना है कि महिला की मौत का मामला सामने आया है। मामले की जांच की जा रही है।

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