जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तपन माइती और आकाश नामक व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर घटना से जुड़े वीडियो में देखा गया था। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
यह घटना दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में हुई, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ ने उन पर अंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले के बावजूद उन्होंने हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिजनों से मुलाकात की।
ममता बनर्जी ने जताई चिंता
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए रविवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि यदि अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाजी और हमले के कारण अभिषेक के सीने और पसलियों में चोटें आई हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके उपचार में भी बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने की सहायता की पेशकश
ममता बनर्जी ने बताया कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर अभिषेक के इलाज के लिए हरसंभव सहायता देने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जरूरत पड़ने पर उन्हें हैदराबाद या किसी अन्य स्थान पर इलाज के लिए ले जाने की बात भी कही।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
भाजपा ने हमले में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह राज्य में टीएमसी के प्रति बढ़ते जन-असंतोष का संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय से हिंसा से प्रभावित रही है और विभिन्न दलों के नेता इसके शिकार हुए हैं। शमिक भट्टाचार्य ने सभी राजनीतिक दलों से राज्य की राजनीतिक संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।

