Sunday, July 21, 2024
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बाढ़ और बरसात खादर के लिए बनी आफत

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  • बाढ़ के चलते खेतों में सड़ रही धान और गन्ने की फसल
  • बुधवार को बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज जस का तस
  • गंगा के जलस्तर में हो आज सकती है और भी अधिक वृद्धि

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: डेढ़ माह से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे खादरवासियों की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही है। बाढ़ के साथ बरसात भी अब बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों पर कहर बरपाती रही है। धान और गन्ने के सैकड़ों हक्टेयर फसल बाढ़ में तबाह होने के चलते किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय होने लगी है।

वहीं, कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। चांदपुर जाने वाला मार्ग कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने के साथ पानी बह रहा है। जिससे सड़क के किनारे क्षतिग्रस्त हो गये है। खादर क्षेत्र के अधिकांश मार्गों खस्ताहाल होने के चलते आवागमन में दिक्कतें हो रही है।

बिजनौर बैराज के अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज से गंगा नदी चल रहा डिस्चार्ज की स्थित जस की तस बनी है। बुधवार को भी बिजनौर बैराज से 1 लाख 25 हजार क्यूसेक और हरिद्वार से 93 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज गंगा नदी में चल रहा था।

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सिरजेपुर, रठौराकलां, हंसापुर परसापुर, दबखेड़ी, हादीपुर गांवड़ी, शेरपुर आदि गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। केवल टैÑक्टर-ट्रॉली ही आवागमन का साधन है। झड़ाका मोड़ के समीप पुलिस ने बैरियर लगा दिया और लोगों को आगे जाने से रोक रहे हैं।

इन गांवों में बाढ़ का कहर सबसे अधिक

फतेहपुर प्रेम, दबखेड़ी, भागोपुर, हरिपुर, छोटी चामरोद, हंसापुर परसापुर, शेरपुर, नई बस्ती, रठौराकलां, हादीपुर गांवड़ी, सिरजेपुर, किशनपुर, लतीफपुर, बामनौली, खेड़ीकलां, बधुवा, भीकुंड दूधली खादर, मखदूमपुर, जलालपुर आदि गांव में बाढ़ का कहर लगातार जारी है।

उधर, हस्तिनापुर-रामराज मार्ग से सिरजेपुर जाने वाले मार्ग पर कई कई फीट पानी सड़कों से होकर बह रहा है। जिस कारण रठोराकलां, हंसापुर परसापुर, दबखेड़ी, भागोपुर, शेरपुर, नई बस्ती, हरिपुर समेत किशनपुर व हादीपुर गांवड़ी का भी संपर्क कट गया है।

गंगा पुल की एप्रोच रोड भी ध्वस्त

मवाना व चांदपुर को जोड़ने वाले गंगा पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई कई फीट खड़ा पानी बह रहा है। पानी की तेज धार के चलते एप्रोच रोड पर दो जगहों से हुए कटान के चलते पानी बह रहा है। वहीं, अन्य गांवों के सम्पर्क मार्गों का भी बाढ़ के चलते जगह-जगह से धराशायी हो गये हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र: जनप्रतिनिधि और विपक्ष की अनदेखी

हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी तरह की मदद नहीं की जा रही हैं। जनप्रतिनिधियों के इस रवैये से लोगों में आक्रोश है। यही नहीं,सत्ता से जुड़े जनप्रतिनिधि भी कोई मदद नहीं कर रहे हैं, विपक्ष के नेता भी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ा रहे हैं। बाढ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों ग्रामीणों को वर्तमान में मदद की जरुरत हैं, लेकिन राजनीति दलों के लोगों ने भी इस तरफ से लगता है आंखें मूंद ली हैं।

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दरअसल, भोजन और पानी के लिए भी लोग तरस गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग मकानों कीछतों व अन्य ठिकानों पर अब भी रह रहे हैं। मकानों में पानी भरा हुआ हैं,लेकिन उनको सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए और भोजन व अन्य सामग्री का वितरण किया जाना चाहिए।

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इसमें प्रशासन भी कोई पहल इसमें नहीं कर रहा हैं। खालसा इद संगठन के लोग बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन व अन्य सामग्री का वितरण कर रहे हैं। ये इनका अभियान कई दिनों से चल रहा हैं। इसमें बड़ी तादाद में लोग भोजन व आट्टा और अन्य सामग्री का वितरण कर रहे हैं। बाकी जनप्रतिनिधि और विपक्ष के नेता भी नींद में हैं।

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