Sunday, May 3, 2026
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नवरात्रों में खिला फूलों का कारोबार

  • नवरात्र में फूलों की मांग बढ़ने के साथ ही दोगुने हुए दाम, किसान खुश
  • गेंदा फूलों की कीमत पर गर्मी का असर, गेंदा 250 रुपये किलो पहुंचा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शक्ति की भक्ति के दिनों में फूलों की महक महंगी हो गई है। नवरात्रों में फूलों से देवी मां का शृंगार किया जाता है। इससे नवरात्रों में फूलों की मांग बढ़ जाती है। वहीं, इस बार बड़े कारोबार का अंदाजा फूल व्यापारियों ने लगाया है। दो साल से कोरोना संक्रमण का दंश झेल रहे फूल बाजार में उम्मीद है कि अब आवक के मुताबिक खपत तेज रहेगी, लेकिन गर्मी का सीधा असर भी फूलों की सेहत पर पड़ रहा है।

इसलिए फूल और माला के दाम सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब चार गुना बढ़ गए हैं। कोरोना के चलते मंदी की मार झेल रहा फूलों का कारोबार पहले नवरात्र के साथ ही खिल उठा है। नवरात्र में फूलों की मांग बढ़ी तो गुलाब और गेंदे के दाम भी दोगुने हो गए हैं। वहीं फूलों के अच्छे कारोबार से किसान और व्यापारी दोनों के चेहरे पर रौनक है। कोरोना को लेकर 22 मार्च से हुए लॉकडाउन और फिर अनलॉक तक फूलों का कारोबार मंदा रहा।

क्योंकि कोरोना की वजह से शादियों के बड़े आयोजन नहीं हो सके और त्योहारों पर भी धार्मिक स्थलों में छोटे ही कार्यक्रम हुए। इसलिए सजावट के लिए फूलों की बिक्री नहीं हो सकी। अब दो साल बाद पहले नवरात्र पर ही फूलों के कारोबार में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।

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व्यापारियों की बिक्री दो तीन गुना तक बढ़ी है। इससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। वहीं आगामी दिनों में भी फूलों का कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है। अभी तक गेंदा 100 से 150 रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन मांग बढ़ने के साथ ही गेंदा की कीमत में भी इजाफा हुआ है। पहले नवरात्र पर गेंदा 250 रुपये प्रति किलो बिका। गेंदा 250 से 300 रुपये किलो पहुंच गया है।

चेहरे पर लौटी रौनक

पॉली हाउस और नर्सरियों में फूल की खेती करने वाले किसानों के अनुसार नवरात्र आते ही फूलों की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मांग गुलाब और गेंदा के फूल की बढ़ी है। इसके चलते दोनों के मूल्य भी बढ़ गए हैं। गेंदा के फूल की माला भी 10 रुपये की जगह अब 20 रुपये में बिक रही है।

वहीं, गुलाब की माला 50 रुपए में बिक रही है। गेंदा फूल के भाव दोगुना बढ़ गए हैं। कोरोना काल में फूलों का कारोबार करने वाले किसानों का भारी नुकसान हुआ था। अब सबकुछ अनलॉक होने के बाद फूलों की डिमांड बढ़ने से किसानों के चेहरे पर रौनक फिर से लौट आई है।

फूलों को चाहिए ठंड

फूल कारोबारी बताते हैं कि ठंडे इलाकों में फूलों की पैदावार और खपत अच्छी खासी होती है, लेकिन यहां ज्यादा दिन तक फूलों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोर की सुविधा नहीं है। कुछ बड़े व्यापारी अपने गोदाम में गीले बोरों में फूलों को सुरक्षत रखते हैं। गर्मी के दिनों में फूल जल्दी खराब होता है, जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।

दोगुना दाम पर मिलेगा फूल

फूल विक्रेता अभिषेक बताते हैं कि सामान्य दिनों में 100 से 150 रुपये किलो बिकने वाला गेंदा फूल नवरात्र के समय 250 रुपये किलो हो गया है। बढ़ी कीमत पर फूल मिलेगा तो ग्रहकों को भी महंगा बेचना पड़ेगा। यानि नवरात्र में दोगुना और इससे भी अधिक कीमत पर ताजे फूल और फूल से बनी माला बाजार में मिलेगी। बढती गर्मी में फूल को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती होती है, तािक नुकसान न झेलना पड़े।

फूल दुकानों में इजाफा

फूल विक्रेता रिंकू बताते हैं कि इस बार सभी त्योहारों की तरह नवरात्र पर्व भी बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसलिए फूलों की खपत भी ज्यादा होनी है। अभी फूलों की जो दुकानें लग रही हैं, उनमें नवरात्र के पहले दिन से ही इजाफा हो गया है। सभी देवी मंदिरों के बाहर फुटकर विक्रेता दुकानें लगा रहे हैं।

व्यापारी खुुश, मिली राहत

औघड़नाथ मंदिर के निकट फूलों का कारोबार करने वाले अभिषेक का कहना है कि कारोबार मंदा पड़ा था। पहले नवरात्र अच्छा कारोबार हुआ है। रोजाना की बिक्री एक हजार रुपये थी, जो अब ढाई से तीन हजार रुपये तक हो गई है। फूल व्यापारी रिंकू का कहना है कि त्योहारी सीजन से काफी उम्मीद है। नवरात्र पर ग्राहक बाजार में निकले हैं।

कोलकाता और देसी फूलों की ज्यादा बिक्री

फूल व्यापारियों ने बताया कि गेंदा कलकत्ता से भी भारी मात्रा में मेरठ आता है। ग्राहक कोलकाता के गेंदे को पसंद करते हैं। इसके साथ ही मेरठ के फूलों की भी खूब मांग है। इसी तरह गुलाब भी जिले का ही बिक रहा है।

नवरात्र के मद्देनजर फल और मेवे भी हुए महंगे

नवरात्र के मद्देनजर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। श्रद्धालु व्रत की तैयारियों के लिए खरीदारी में जुट गए हैं। इससे फल-फूल और मेवा महंगे हो गए हैं। फलों में करीब 10 से 30 रुपये तक तथा मेवा और फूल भी पांच से 10 रुपये तक महंगा हुए हैं। व्रत के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले नारियल, सिंघाड़े व कुट्टू का आटा, माता की चुनरी, धूप-दीप इत्यादि भी बहुत महंगे हुए हैं। हालांकि मंहगाई के बावजूद बिक्री बढ़ गई है।

इससे दुकानदार काफी खुश नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों की ही बात करें तो केला 30 से बढ़कर 60 रुपये प्रति दर्जन, अंगूर 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60 रुपये किलो, संतरा 30 से बढ़कर 40 रुपये तथा सेब 80 से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो हो गया है। वेरायटी के अनुसार भाव में भी उतनी ही वृद्धि हुई है। इसी प्रकार गरी, मखाना, चिरौंजी, किशमिश, छुआरा तथा सिंघाड़े का आटा भी पांच से 10 रुपये महंगा हो गया है।

औघड़नाथ मंदिर के निकट फूलों का कारोबार करने वाले अभिषेक का कहना है कि कारोबार मंदा पड़ा था। पहले नवरात्र पर अच्छा कारोबार हुआ है। रोजाना की बिक्री एक हजार रुपये थी, जो अब ढाई से तीन हजार रुपये तक हो गई है।फूल व्यापारी रिंकू का कहना है कि त्योहारी सीजन से काफी उम्मीद है। नवरात्र पर ग्राहक बाजार में निकले हैं। सबसे ज्यादा मांग गुलाब और गेंदा के फूल की बढ़ी है। इसके चलते दोनों के मूल्य भी बढ़ गए हैं। गेंदा के फूल की माला भी 10 रुपये की जगह अब 20 रुपये में बिक रही है। वहीं, गुलाब की माला 50 रुपये में बिक रही है।

-अभिषेक, फूल विक्रेता, औघड़नाथ मंदिर

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