- पार्षद-सफाई सुपरवाइजर एवं सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद लगातार पकड़ रहा तूल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: निगम क्षेत्र में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था बेपटरी होने को लेकर जहां एक तरफ पार्षद-सफाई सुपरवाइजर एवं सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। इनमें एक बीच की कड़ी खाद्य निरीक्षक का महत्वपूर्ण पद भी है। जिसमें अब उस पद के कार्य को भी वह अच्छे से नहीं संभाल पा रहे हैं तो ऐसे में क्या समझा जाए कि खाद्य निरीक्षक के रूप में बाजार आदि में चेकिंग का कार्य शासन ने उनसे वापस ले लिया। वहीं, सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी वह अच्छे से निभा नहीं पा रहे हैं तो क्या नगर निगम में खाद्य निरीक्षक का पद मात्र खानापूर्ति के लिए ही रह गया है।
नगर निगम क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक विशेषज्ञ हाता है। जिसका काम विभिन्न स्थानों से लिए गए खाद्य नमूनों का निरीक्षण ओर विश्लेशन करना होता है। निगम क्षेत्र में काम करने वाले खाद्य निरीक्षकों से यह कार्य कराना बंद दिया। निगम क्षेत्र में कार्य करने वाले खाद्य निरीक्षकों को केवल साफ-सफाई के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसमें शहर की साफ-सफाई कि जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ खाद्य एवं सफाई निरीक्षक के साथ ही सफाई सुपरवाइजर एवं सफाई कर्मचारी के रूप में स्वच्छता मित्रों को सौंपी गई।
वर्ष 2011 से पहले निगम क्षेत्र में कार्य करने वाले खाद्य निरीक्षकों को बाजार में खाद्य सामग्री के नमूनों लेने के साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण करना होता था, लेकिन वर्तमान में केवल साफ-सफाई व्यवस्था के निरीक्षण का जिम्मा ही खाद्य निरीक्षकों के पास है। जिसमें वह उस अकेले कार्य को भी सही तरह से अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। तो क्या नगर निगम में खाद्य निरीक्षक का पद मात्र खानापूर्ति का पद मात्र बनकर रह गया है। शहर की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी एक दो जेड एसओ जिसमें दिलशाद हसन व अमान शाहिद के साथ ही दो सीएसएफआई जिसमें बृह्मपाल सिंह एवं हिद्रेश कुमारी व छह एसएफआई जिसमें अजय शील, प्रवेश, विपिन, ऋषिपाल, कुलदीप, बिट्टू शामिल हैं।
निगम क्षेत्र के 90 वार्डों में 90 ही सफाई सुपरवाइजर का कार्य करते हैं। जिनका कार्य केवल सफाई व्यवस्था की निगरानी करना व जहां साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं हैं, वहां पर सफाई कर्मचारियों को निर्देशित करने का कार्य है। निगम में काफी समय से बेपटरी सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षद, सफाई सुपरवाइजर एवं सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद चल रहा है। जिसमें खुद वार्डों में जाकर प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निरीक्षण करने कार्रवाई करनी पड़ रही है। जबकि खाद्य निरीक्षक के पास अब केवल सफाई व्यवस्था का जिम्मा है, उसे भी वह अच्छे से नहीं निभा पा रहे हैं। अब ऐसे लापरवाह खाद्य निरीक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। कि आखिर अब खाद्य निरीक्षक केवल खानापूर्ति के लिए ही अपने पदों पर बने हैं।
खाद्य निरीक्षकों से करीब 10 वर्ष पूर्व खाद्य सामग्री के नमूने लेने एवं चेकिंग का कार्य सरकार ने कराना बंद कर दिया था, अब केवल खाद्य निरीक्षकों को सफाई व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार वार्डों से शिकायतें आ रही है। कुछ लापरवाही खाद्य निरीक्षकों की सामने आ रही है। ऐसे लापरवाह खाद्य निरीक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है।
-डा. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम।

