- ठेकेदार भट्ठा मजदूरों के रकम लेकर भागा
- भट्टा मजदूरों ने दी पुलिस को बंधक बनाने की दी थी सूचना
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: बुधवार को कस्बा करनावल के पूर्व चेयरमैन के भट्टे पर मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना पर पुलिस व श्रम विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे और बंधक बने मजदूरों को पुलिस की मौजूदगी ने छुड़ा कर थाने लाया गया। मजदूरों को उनके गांव भेजने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस मामले में जांच में लेबर को बंधक बनाकर रखने की पुष्टि नहीं हो पाई।
दरअसल बुधवार को कस्बा करनावल के पूर्व चेयरमैन सतीश कुमार के शांति बिक्र फील्ड पर मजदूरों ने 100 नंबर 112 नंबर पर कॉल करके सूचना दी कि उन्हें बंधक बनाकर भट्टा मालिक काम करा रहा है और छोटे बच्चों में उन्हें यातनाएं देकर भूखे प्यासे रख रहा है।
सूचना के बाद आनन-फानन में डायल 112 वे सरूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची हालांकि बाद में श्रम विभाग के अफसर लेबर इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गई जहां भट्टे पर बंधक बनाकर रखे गए मजदूरों को छुड़ाकर थाने लाया गया। बताया गया है कि संभल जिले के 7 परिवारों के 28 लोगों को बंधक बनाकर कार्य कराया जा रहा था। कोर्ट के आदेश पर श्रम विभाग के अधिकारी ने पुलिस टीम के साथ जाकर भट्टे पर बंधक बने मजदूरों को मुक्त कराया और उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही।
इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया की बुधवार की दोपहर को पहुंची श्रम विभाग के इंस्पेक्टर उषा वर्मा ने उन्हें जानकारी दी की करनावल कस्बे के पूर्व चेयरमैन सतीश कुमार के भट्टा शांति बिक्र फील्ड पर संभल जिले के 7 परिवारों के 28 लोगों को बंधक बनाकर जबरदस्ती कार्य कराया जा रहा है तथा भूखे प्यासे रखकर उनको यातना नहीं दी जा रही है। पुलिस बंधक मजदूरों को मुक्त कराया।
थाने पर लाये गए मजदूरों ने उन्हें बताया कि भट्टा संचालक ने उन्हें खाने के लिए भी पैसे नहीं देता था और जबरदस्ती उन को बंधक बनाकर रात दिन कार्य कराया जाता था। श्रम विभाग की इंस्पेक्टर पुलिस के संयुक्त अभियान में सभी मजदूरों को मुक्त करा लिया गया।
एसडीएम अमित कुमार भारतीय के निर्देश पर पुलिस उन्हें अपने गंतव्य के लिए रवाना करने की तैयारी कर रही थी। हालांकि इस प्रकरण में श्रम विभाग के अधिकारी की जांच में मजदूर बंधक बनाने की को पुख्ता जानती नहीं हो पाई। इस संबंध में जांच में जो निकल कर आया बताया गया कि ठेकेदार भूरा मजदूरों की तमाम रकम हड़प कर भाग गया। जिसके बाद भट्टा मालिक द्वारा मजदूरों से काम लिया जा रहा था।
बंधक बनाने की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। इस संबंध में भट्टा मालिक सतीश चेयरमैन ने पुलिस को मजदूरों को रकम देने के तमाम पुख्ता सबूत भी पेश किए। इस मामले में जांच अधिकारी श्रम विभाग की इंस्पेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट भेजने के बाद कहते बताया कि मजदूरों को बंधक बनाकर रखने की पुष्टि नहीं हो पाई।
वहीं दूसरी और भट्टा मालिक सतीश चेयरमैन का कहना था कि मजदूरों को पूरी रकम दी गई थी। काम कराने के लिए उनका ठेकेदार रकम लेकर भाग गया मजदूरों को बंधक बनाकर नहीं रखा गया था।

