जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण तेजी पकड़ने लगा है। बागपत रोड पर पांचली खुर्द पर क्रास करने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। यहां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नवीनतम तकनीक से तैयार किया जा रहा है।
भूमिगत नहीं, बल्कि ओवरब्रिज तैयार कर उससे ही माल गाड़ी गुजरेगी। ट्रैक भी डबल बनाया जा रहा है, लेकिन ओवरब्रिज फोर लेन तैयार करने के लिए बनाया जा रहा है। ये भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह का प्लान किया गया है। जमीन से करीब 15 से 20 फीट की ऊंचाई लेकर रेलवे ट्रैक तैयार किया जा रहा है।
इसके लिए मिट्टी का भराव किया जा रहा है। पूरा टैक ही इतना ऊंचा बनाया जा रहा है। ओवरब्रिज बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके निर्माण से मेरठ-बागपत मार्ग पर किसी तरह का अवरोध भी पैदा नहीं होगा और ओवरब्रिज पर काम भी चलता रहेगा। इस तरह से इसके निर्माण की इंजीनियरों ने प्लानिंग की है।
ये माल (माल और वस्तु) के परिवहन के लिये विश्व स्तरीय तकनीक के अनुसार बनाया गया एक रेल मार्ग तैयार किया जा रहा है। जो अपने आप में अनूठा होगा। सरकार दो (ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) बना रही है।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
ये लुधियाना (पंजाब) से दनकुनी (पश्चिमी बंगाल) तक तैयार किया जा रहा है, जहां लुधियाना से सोननगर तक की लंबाई 1318 किमी तथा सोननगर से दनकुनी तक की लंबाई 538 किमी है।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
ये जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (महाराष्ट्र) से दादरी (मेरठ) उत्तर प्रदेश तक है, जिसकी लंबाई 1504 किमी है।
इसके ये होंगे लाभ
ये औद्योगिक क्षेत्रों, निवेश क्षेत्रों और लॉजिस्टिक पार्कों के लिये मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे रोजगार के बेहतर अवसरों का सृजन होगा। कॉरिडोर के साथ लगे ग्रीनफील्ड शहरों में रियल एस्टेट को फायदा होगा, साथ ही बुनियादी ढांचे का विकास होने की संभावना है। इससे उद्योगों और संबंधित द्वितीयक गतिविधियों के साथ-साथ इनसे संबंधित प्राथमिक उद्योगों का भी विकास होगा।

