Thursday, April 2, 2026
- Advertisement -

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अपनी गिरफ्तारी से किया इनकार, विपक्ष ने भगवंत मान पर खड़े किए सवाल

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने संबंधी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 2 दिसंबर को पुष्टि की थी। इस मामले में तीन दिन बाद नया मोड़ आ गया है। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का एक कथित इंटरव्यू सामने आया है। इसमें उसने अमेरिका में अपनी गिरफ्तारी होने से इनकार किया है। इसके बाद से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को काफ शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।

इसमें इंटरव्यू में खुद को गोल्डी बराड़ बता रहे व्यक्ति ने अमेरिका में उसे हिरासत में लिए जाने की बात को गलत बताया है। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री मान झूठ बोल रहे हैं। इसी इंटरव्यू को आधार बनाकर विपक्षी दल सरकार पर जुबानी हमला कर रहे हैं। साथ ही सरकार से मांग कर रहे हैं कि सरकार व पुलिस अपनी स्थिति साफ करे, जबकि इसकी पुष्टि कोई भी नहीं कर रहा है कि इंटरव्यू में शामिल व्यक्ति गोल्डी बराड़ ही है।

पंजाब के सीएम भगवंत पर निशाना साधते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कहा कि यह मामला आप की राजनीति का सटीक वर्णन करता है। ये लोगों को धोखा देने के लिए झूठ और छल का सहारा लेते है। भगवंत मान ने इसका पालन किया और गुजरात चुनाव की पूर्व संध्या पर अमेरिका में गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी का दावा किया। अब उन्हें गोल्डी को पकड़ने के लिए कदम उठाने चाहिए और पंजाब के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि गोल्डी बराड़ अभी पकड़ा नहीं गया है। उसे पकड़ने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने ऐसा गुमराह करने वाला बयान क्यों दिया? क्या वह अपनी साख बचा रहे हैं। क्या कानून-व्यवस्था को बहुत अच्छा दिखाने के लिए यह बयान दिया गया? भगवंत मान की किसी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

आप बुरी लतों के शिकार तो नहीं

भाषणा बांसल अधिकांश लोग चाय, कॉफी का सेवन करते हैं...

संभव है स्तन कैंसर से बचाव

रूबी महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बाद स्तन...

दौलत और शोहरत मिली है बहुत

जंगल की आग लहू के फूल बहुत खिल चुके!...

डिजिटल जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत

भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में...

एक राजनीतिक बहस का अंत

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया...
spot_imgspot_img