Monday, June 1, 2026
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सड़कों पर फैल रहा कूड़ा, डंपिंग ग्राउंड पर नहीं बची जगह

  • लोग हुए परेशान, कूड़े अधिक, निस्तारण हो रहा कम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर को स्मार्ट बनाने के लिए काफी हद तक जद्दोजहद की जा रही है, लेकिन शहर में हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर में बना डंपिंग ग्राउंड इस योजना को पलीता लगा रहा है। शहर में हापुड़ रोड पर प्रवेश द्वारा पर ही यह डंपिंग ग्राउंड बना है और अपनी क्षमता से अधिक कूड़ा यहां पर डाला जा रहा है, जोकि नगर निगम के लिये भी मूसीबत बनता जा रहा है। यहां कहनो को तो कूड़ा निस्तारण हो रहा है लेकिन कूड़ा डाले जाने की क्षमता अधिक है और निस्तारण आधे से भी कम हो रहा है जिस कारण कूड़ा सड़कों तक आ गया है और इसकी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।

नगर निगम का हापुड़ रोड स्थित बना डंपिंग ग्राउंड यहां आसपास के लोगों के लिये मुसीबत बन चुका है। डंपिंग ग्राउंड पर उसकी क्षमता से भी अधिक संख्या में कूड़ा डाल दिया गया है, जोकि कई किमी तक दिखाई पड़ता है। यहां से उठती दुर्गंध लोगों को बीमार कर रही है। हालात यहां तक खराब हो चुके हैं कि अब यहां कूड़ा डाले जाने की क्षमता भी खत्म होती जा रही है और निगम इसके बावजूद यहां लगातार कूड़ा डाल रहा है।

यहां प्रतिनिद 800 टन से अधिक कूड़ा डाला जा रहा है, जोकि लोगों के लिये परेशानी का सबब बन चुका है। प्रतिदिन कूड़ा तो अधिक मात्रा में डंपिंग ग्राउंड में डाला जाता है, लेकिन यहां इससे आधा कूड़ा भी निस्तारित नहीं किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण प्लांट नगर निगम की ओर से लगाया गया है, लेकिन वह एक दिखावा मात्र बनकर रह गया है। यहां प्रतिदिन 300 टन कूड़ा ही निस्तारित हो पाता है। जिस कारण रोजाना 500 टन कूड़ा यहां एकत्र होता जाता है। इसकी वजह से यहां कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ बन चुके हैं, जो लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं।

बिजली के खंभे भी आधे से ज्यादा कूड़े में दबे

यहां घोसीपुर की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे पर ही डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि यहां करीब 40 फीट तक का डिवाइडर रोड है, लेकिन एक ओर का मार्ग पूरी तरह से कूड़े से अट गया है। सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे भी कूड़े में आधे से ज्यादा दब चुके हैं। उसके बावजूद यहां हालात सुधारे नहीं जा रह हैं। इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय लोगों की ओर से शिकायत की जाती रही है, लेकिन यहां से कूड़ा हटाया नहीं गया है। कूड़े के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।

गांवड़ी में शुरू नहीं हो सका कूड़ा निस्तारण प्लांट

उधर, गांवड़ी गांव में कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाये जाने की योजना थी। इसके लिये कंपनियों का चयन तक किया जा चुका था, लेकिन हालात यह हैं कि अभी तक यहां पर प्लांट शुरू नहीं हो सका है। कई बार इस संबंध में कमिश्नर तक से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है।

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