जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: डीएम उमेश मिश्रा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में जो बच्चे कुपोषित चिन्हित किए गए हैं, उनके स्वास्थ्य उपचार के लिए जिला अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती कराना सुनिश्चित करें तथा किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन की जांच कराएं यदि जांच में खून की कमी पाया जाना प्रकाश में आता है तो उनको आयरन की गोलियों के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक पोषण की सलाह भी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, वे जितने स्वस्थ होगें, उतना ही देश का भविष्य स्वस्थ एवं उज्जवल होगा। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्धता के सापेक्ष फोलिक एसिड, कैल्शियम, एल्बेंडाजोल आदि दवाइयों का वितरण न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाई एवं स्वास्थ्यवर्धक सप्लिमेंट का शत प्रतिशत रूप से वितरण सुनिश्चित कराएं और इस कार्य की नियमित समीक्षा भी करें।

