- नगर निगम ने भवन कराया खाली, टाउन हॉल मैदान के भवन में शिफ्ट किया सामान और गाड़ी
- नगर निगम के उस भवन को तोड़कर बनाई जाएगी मल्टीलेवल पार्किंग, फायर कर्मियों की बढ़ी परेशानी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वर्षों से शासन की बिना स्वीकृति के चल रहा घंटाघर फायर स्टेशन टाउनहॉल में शिफ्ट किया गया। घंटाघर के पास ही यह पहले नगर निगम के भवन में चल रहा था, लेकिन अब निगम ने अपना भवन खाली कर दिया है। इस भवन में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। फिलहाल इस फायर स्टेशन पर तैनात फायर कर्मियों के सामान और गाड़ियों को टाउन हॉल के पुराने भवन में शिफ्ट किया गया है। जिसकी वजह से फायर कर्मियों की थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। इससे काम भी प्रभावित होने की संभावना है।
मेरठ जिले में पुलिस लाइन, परतापुर, मवाना और घंटाघर पर फायर स्टेशन है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर सरधना में भी फायर स्टेशन है। हालांकि घंटाघर फायर स्टेशन शासन की ओर से स्वीकृत नहीं है। जबकि यह स्टेशन 1968 से यहां स्थापित है। उस वक्त फायर ब्रिगेड निगम के अधीन था। बाद में इसे पुलिस से संबद्ध किया गया था। अब 56 साल बाद घंटाघर के फायर स्टेशन के टाउन हॉल मैदान में शिफ्ट किया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि जिस जगह पर फायर स्टेशन था वहां अब मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण होना है।
ऐसे में अपर नगरायुक्त ममता मालवीय ने भवन को खाली करने के लिए कहा था। जिसके बाद वहां से सारा सामान और गाड़ी को टाउनहॉल मैदान के पुराने भवन में शिफ्ट किया गया है। यहां घंटाघर फायर स्टेशन के प्रभारी आकाश चौहान है। तीन गाड़ियां खड़ी की गई है। इसके अलावा फायर सुरक्षा अधिकारी, लीडिंग फायरमैन, चालक, फायरमैन, कुक तैनात है। माना जा रहा है कि टाउन हॉल मैदान में फायर स्टेशन शिफ्ट होने से कार्य प्रभावित होगा। गाड़ियां और कुछ सामान खुले में ही रखा गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कब तक इस फायर स्टेशन को स्थायी जगह मिल पाती है।
जनपद स्तर पर बनाया गया फायर स्टेशन
घंटाघर फायर स्टेशन जनपद स्तर से ही चलाया जा रहा है। इस स्टेशन के शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि बड़ा जनपद होने की वजह से घंटाघर की तरफ गाड़ी खड़ी करना जरूरी है। इस फायर स्टेशन से शहर के दिल्ली रोड, ब्रह्मपुरी, सदर बाजार, रेलवे रोड, कोतवाली, लिसाड़ी गेट और लोहियानगर थाना क्षेत्र में लगने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाया जाता है। पुलिस लाइन से जाने में समय लग जाता है, ऐसे में यहां से नजदीकि घटनाओं को जल्दी कवर किया जा सकता है और नुकसान होने से बचाया जाता है। इसलिए यहां गाड़ियां खड़ी की जाती है। उन्होंने कहा कि घंटाघर के पास ही टाउन हॉल मैदान में अब इस फायर स्टेशन को शिफ्ट कर दिया गया है।

