- बनेगा फोर-लेन हाइवे मिट्टी डालने का कार्य हुआ शूरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हापुड़ रोड को गाजियाबाद से जोड़ने के लिए फोर-लेन हाइवे का निर्माण आरंभ कर दिया। इसके निर्माण की शुरुआत टनसारा गांव से मिट्टी डालने का कार्य शुरू कर दिया हैं। 2024 से पहले फोर-लेन हाइवे का निर्माण करने का लक्ष्य दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस समय एनएचएआई मिट्टी डालने का काम कर रहा हैं। लोहिया नगर के जिस स्थान पर कूडा डालने का सेंटर बनाया गया है, वहां पर इंटरचेंज बनेगा।
जहां से तलहटा गांव होते हुए फोर-लेन हाइवे का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2010 में हाइवे निर्माण के लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया गया था, तब किसानों की मांग थी कि जमीन अधिग्रहण का मुआवजा एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर दिया जाए, जो वर्तमान में नहीं दिया? 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा किसानों को दिया गया। इसको लेकर ‘रार’ पैदा हो गई है। अब किसानों ने जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद पैदा कर दिया है तथा एनएचएआई को निर्माण करने से रोका जा रहा हैं।
यही वजह है कि इसमें अवरोध पैदा हो गया है। ग्रामीणों की मांग है कि मुआवजा एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से दिया जाए। इस पर प्रशासन सहमत नहीं हैं। इसको लेकर मेरठ व गाजियाबाद के प्रशासनिक अफसरों के बीच कई दौर की मीटिंग भी हो चुकी हैं। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार ये हाइवे 14 किमी लंबा बनेगा, जो गाजियाबाद में पहुंचकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से ही जोड़ दिया जाएगा।
शास्त्रीनगर के लोगों को मिलेगा लाभ
इस हाइवे के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ शास्त्री नगर और किठौर क्षेत्र के आने वाले गांव और गंगानगर इलाके के लोगों को मिलेगा। क्योंकि उन्हें परतापुर से एक्सप्रेस-वे पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सीधे हापुड़ रोड पर पहुंचेंगे, जहां से फोर-लेन बनने वाले इस हाइवे से 14 किमी का सफर पूरा करने के बाद एक्सप्रेस-वे में जॉइंट कर दिया जाएगा।
इस तरह से इस हाइवे का बड़ा लाभ शास्त्रीनगर के लोगों को मिलेगा। क्योंकि शास्त्रीनगर लोहिया नगर से सटा हुआ हैं। फिर लोहिया नगर में भी इनर रिंग रोड का निर्माण कर दिया गया है। यहां से आसनी से ट्रैफिक सफर कर सकेगा और हापुड़ रोड से गाजियाबाद की तरफ जाने वाले फोर-लेन हाइवे का लाभ मिल सकेगा।

