Monday, March 16, 2026
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बेटी कुदरत का उपहार, नहीं करो इसका तिरस्कार

  • मेपल्स एकेडमी में मनाया गया राष्ट्रीय बालिका दिवस

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: नगर में सहारनपुर रोड मेपल्स एकेडमी में रविवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बालिकाओं के साथ भेदभाव न किए जाने का संकल्प लिया गया।

मेपल्स एकेडमी में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्रबंधक मुकेश संगल, चेयरमैन विपिन संगल एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. उत्तम सिंह ने बालिकाओं को आशीर्वाद देकर किया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि बालिका दिवस मनाने के पीछे अनेक कारण हैं।

वैसे तो आज बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन आज भी वह अनेक समाजिक कुरीतियों की शिकार हैं। ये कुरीतियां उनके आगे बढने में बाधाएं उत्पन्न करती हैं। पढ़े लिखे लोग और जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूत नहीं है। आज भी हजारों लडकियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता है। आज भी समाज में कई घर ऐसे है जहाँ बेटियों को बेटो की तरह अच्छे खानपान व शिक्षा से वंचित रखा जाता है। एशिया महाद्वीप में भारत की महिला साक्षरता दर सबसे कम है।

गौरतलब है कि ‘नेशलन कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रन राइट्स’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में ज्यादातर लड़कियों को हर दिन औसतन 8 घंटे से ज्यादा समय केवल अपने घर में छोटे बच्चों को सभालने मे बिताना पड़ता हैं क्योकि उनके माता पिता उन्हें घर संभालने और अपने छोटे बहन भाई की देखभाल करने को कहते हैं। लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति आगाह करने और लडकियों को बचाने के लिए 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इससे बलिकाओं को अपनी पहचान न उभर पाने के पीछे असली कारणों को सामने लाने के रूप मे मनाने की जरूरत है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के दिन हमे लड़का-लड़की में भेद नहीं करने व समाज के लोगो को लिंग समानता के बारे में जागरूक करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए। देश मे लडकियों की घटती संख्या देखते हुए राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाने लगा है। बालिकाओ की सेहत में पोषण व पढ़ाई जैसी चीजों पर ध्यान दिए जाने कि जरूरत है ताकि बड़ी होकर वे शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भरव सक्षम बन सके। ओर आगे चलकर एक बेहतर समाज का निर्माण कर सके। इसके लिए बालिका दिवस पर एक नारा भी दिया गया।

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