जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सरकार 2जी मोबाइल थमाकर उनसे 5जी का काम ले रही है। थके 2जी वर्जन के मोबाइल से 5जी काम हो पाना संभव नहीं है। जबकि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेंटर पर आने वाले महिलाओं लाभार्थियों की ई-केवाईसी और फेस कैप्चरिंग 5जी की स्पीड से कराना चाह रही है, लेकिन मोबाइल 2जी होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए ही केवाईसी और फेस कैप्चरिंग का कार्य फिलहाल जी का जंजाल बनकर रह गया है। अभी तक सही ढंग से जिले में 40 प्रतिशत भी ई-केवाईसी और फेस कैप्चरिंग नहीं हो पाई है। जबकि बार-बार आंगनबाड़ी को इसमें तेजी लाने के लिए सरकार दिशा निर्देश दे रही है और कार्यकत्री के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब सरकार ने 2जी मोबाइल दे रखे हैं तो उनसे 5जी स्पीड के साथ काम कैसे संभव होगा? इस संबंध में आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर एसोसिएशन की अध्यक्ष सायमा जमीर ने अधिकारियों को पत्र लिखकर 2जी मोबाइल से 5जी मोबाइल पर काम हो पाना संभव नहीं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने के लिए भी मांग रखी है।
आधार नहीं अपडेट, आ रही परेशानी
आंगनबाड़ी सेंटर पर आने वाली महिला लाभार्थियों में से ज्यादातर के आधार अपडेट नहीं होने के कारण फेस कैप्चरिंग भी नहीं हो पा रहा है। आधार कार्ड पुराने होने के कारण और अपडेट नहीं होने से चेहरे का मिलान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सामने फेस कैप्चरिंग व ई-केवाईसी करने की समस्या भी खड़ी है।
ज्यादातर मोबाइल नंबर बंद या बदल चुके
ई-केवाईसी कराने के लिए लाभार्थी के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है। उसके बाद ई-केवाईसी हो पाती है। ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सामने समस्या खड़ी हो रही है कि महिला लाभार्थियों के पोषण ट्रैकर में ई-केवाईसी करने पर या तो ज्यादा मोबाइल नंबर बदल चुके हैं या नंबर खो चुके हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास केंद्र नहीं होने के कारण लोगों के घरों में बैठकर ई-केवाईसी करनी पड़ रही है या फिर घर-घर जाकर ई-केवाईसी करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिले में लगभग 2100 के करीब आंगनबाड़ी कार्यकत्री है, लेकिन इनमें से मुश्किल से 200 आंगनबाड़ी केंद्रीय बने हुए हैं। बाकी सेंटर या तो लोगों के घरों में चल रहे हैं या सार्वजनिक स्थानों पर।
क्या बोले अधिकारी?
इस संबंध में डीपीओ सुरेश गुप्ता से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि 40 प्रतिशत के करीब कार्य पूरा हुआ है। 30 जून आखिरी तारीख तय की गई। हालांकि इसमें सेंटर गवर्नमेंट को तारीख बढ़ानी पड़ेगी, उन्होंने 2जी मोबाइल के बारे में भी स्वीकार किया कि वाकई मोबाइल 2जी और सरकार काम 5जी का लेना चाह रही है।

