- लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारी किसानों से लेकर राशन विक्रेताओं से दबाव बनाने की करते रहते हैं कोशिश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कई बरस गुजर चुके हैं, जबसे सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों से किसानों का मोहभंग चला रहा है। दूसरी और अधिकारियों पर गेहूं खरीद के लिए बराबर दबाव बना रहता है। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारी किसानों से लेकर राशन विक्रेताओं तत्पर अपना दबाव बनाने की कोशिश करते रहते हैं।

अमूमन गेहूं की खरीद का सिलसिला अप्रैल से शुरू हो जाता है। इस बार भी मेरठ जनपद में गेहूं की खरीद के लिए 37 केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 14 पीसीएफ, 12 खाद एवं रसद विभाग तथा नो यूपीएसएस विभाग की ओर से स्थापित किए गए हैं। गेहूं की खरीद के लिए मेरठ जनपद में 37 केंद्रों को खुले हुए अप्रैल माह का एक पखवाड़ा गुजर चुका है। लेकिन इस अवधि में अभी तक किसी भी केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी है।
हालांकि इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं का मूल्य 2125 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। जबकि खुले बाजार में व्यापारी 2150 से लेकर 2250 रुपये प्रति कुंटल की दर से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। किसानों और व्यापारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे पहले गेहूं का रेट 2350 तक रह चुका है।
इसके अलावा गेहूं की सरकारी खरीद में किसानों के सामने एक उलझन यह भी बनी रहती है, कि उन्हें किसान के रूप में और गेहूं विक्रेता के रूप में विभाग की साइट पर जाकर अपना पंजीकरण कराना होता है। ऐसे में एक तो रेट कम, और ऊपर से तमाम तरह की कानूनी पेचीदगियां किसानों को रास नहीं आ रही हैं। जिसके चलते किसान खुले बाजार और सरकारी खरीद पर बराबर भाव होने की स्थिति में भी व्यापारी के हाथों गेहूं बेचने को वरीयता देते हैं।

विपणन विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि अभी तक उनके समक्ष गेहूं खरीद को लेकर कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है। लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए वे अपने स्तर से गेहूं की खरीद की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके लिए अपने अपने स्तर से किसानों से संपर्क करके उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन कराने और सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए लाए जाने का अनुरोध भी कर रहे हैं। इसके अलावा सूत्र यह भी बताते हैं क्योंकि खरीद के लिए राशन विक्रेताओं समेत गांव के प्रभावी किसानों का सहारा भी लिया जा रहा है।
मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते अभी गेहूं की कटाई के काम शुरुआती दौर में है। आने वाले समय में गेहूं की फसल कटाई काम में तेजी आएगी। जिसके बाद किसान सरकारी खरीद केंद्र पर अपना गेहूं बेचने के लिए लाएंगे, ऐसी आशा की जा रही है।
आने वाले समय में बाजार में चल रहे गेहूं खरीद के दामों में भी कमी आने की उम्मीद है। जिसके बाद स्वाभाविक रूप से किसान सरकारी खरीद केंद्रों का रुख करेंगे। इसके लिए विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी अपने स्तर से भरपूर प्रयास कर रहे हैं। -अखिलेश कुमार, डिप्टी आरएमओ, मेरठ


