- सरकार नेताओं को बीच में ले तो विवाद का हल निकाल आएगा
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। अब सरकार किसान संगठनों में फूट डालने का प्रयास कर रही है। संगठन भले ही अलग-अलग हो। लेकिन मकसद सभी का एक ही है।
बालियान खाप चौधरी एवं भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत बड़ौत में देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि 22 दिन किसान आंदोलन को चलते हो गए है।यदि सरकार चाहती तो अभी तक हल निकल चुका होता। सरकार किसानों को हल्के में ले रही है।
धरने पर बैठे किसानों के संगठन अलग-अलग हो सकते है, लेकिन मंजिल सभी की एक ही है। सरकार कृषि कानूनों में संशोधन करने को तैयार हो, दो कदम सरकार पीछे हटे और दो कदम किसान तभी इस आंदोलन का हल निकलेगा। नरेश टिकैत ने कहा कि किसान धरने पर पूरी ईमानदारी के साथ डटा हुआ है।
कई किसान इस दौरान शहीद भी हो चुके है। एक किसान ने तो गोली मारकर आत्महत्या तक कर ली।क्योंकि किसान जानते है कि ये काले कानून उन्हें बर्बाद कर देंगे। सरकार टकराव चाहती है। लेकिन किसान शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन में मौजूद है।
उन्होंने कहा कि खाप चौधरियों की सोरम में आपात मीटिंग हुई थी। जिसमे सिंघु बॉर्डर पहुँचने का निर्णय लिया जा चुका है। अब इस पूरे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट भी आ चुकी है, और ऐसा भी नहीं है कि किसान हठधर्मी है। हठधर्मी तो सरकार है। तभी तो 6 दौर की वार्ता विफल हो चुकी है।
किसान पीछे हटने को भी तैयार है। हमे अब उम्मीद है कि बीच का राश्ता अवश्य निकलेगा और समाधान भी होगा।सुप्रीम कोर्ट बीच में आ गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि मामला सुलहोगा। सरकार को चाहिए कि वह अच्छे नेताओं को भी साथ ले। राजनाथ सिंह, अजित सिंह, सरदार मनमोहन सिंह आदि नेताओं को सरकार बीच में ले। हल निकल जाएंगे।

