Wednesday, April 21, 2021
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भक्ति की शक्ति पर सरकार का पहरा, कोरोना की दहशत

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  • सीमाओं पर कड़ी चौकसी, कोविड टेस्ट के चलते श्रद्धालुओं को हो रही दिक्कतें
  • कड़े नियमों के कारण होटल फिलहाल खाली आश्रमों में प्रवेश पर पाबंदी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कितनी हैरानी की बात है कि उत्तराखंड सरकार दो तरह के कानूनों को लेकर चल रही है। हिंदुओं की आस्था के प्रतीक कुंभ मेले को कोरोना की गाइड लाइन में बांध कर सीमित कर दिया जबकि देहरादून और मसूरी में भीड़ कोरोना की गाइड लाइनो की धज्जियां उड़ा रही है और सरकार बेफिक्र है।

हरिद्वार में कुंभी की शुरुआत हो गई और कोविड रिपोर्ट न होने पर एंट्री पर सख्ती करने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या पर फर्क पड़ना शुरु हो गया। जीता जागता उदाहरण हरिद्वार के खाली होटल दे रहे हैं।
पश्चिमी बंगाल, असम, तमिलनाडु आदि जगह चुनाव चल रहे हैं और लाखों की भीड़ सड़कों पर दौड़ रही है।

कोरोना पूरे देश में फैल रहा है लेकिन उत्तराखंड सरकार अपने नियमों पर चल रही है। बारह साल बाद आने वाले कुंभ के साथ किस हद तक सरकार ने कोरोना के नाम पर मजाक किया उसका सीधा असर पर्यटन और होटल उद्योग पर साफ देखा जा सकता है।

कुंभ को लेकर आस लगाकर बैठे होटल उद्योग इस बात से निराश है कि सरकार की सख्ती से पर्यटक होटलों की तरफ रुख नहीं कर रहे हैं। सदियों से कुंभ मेला चार महीने का लगता आ रहा है। कोरोना के कारण पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चार महीने के कुंभ में कटौती करके इसकी अवधि दो महीने कर दी थी। बाद में इसे एक महीने का कर दिया गया।

वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इसे तीन शाही स्नानों में निपटाने का आदेश कर दिया। कुंभ के कारण हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन में पर्यटन और होटल उद्योग जमकर फलते फूलते हैं। कोरोना को लेकर उत्तराखंड सरकार ने इस कदर सख्त नियम लागू कर दिये कि आम आदमी का हर की पैड़ी में स्नान करना टेढी खीर बन रहा है। करोड़ों रुपये कुंभ की तैयारी में खर्च करने के बाद भी लोग कुंभ का आनंद नहीं ले पाएंगे।

सख्त नियमों के कारण हर किसी को कोरोना टेस्ट कराने के बाद प्रवेश देने के आदेश के कारण लाखों की भीड़ अब हजारों में परिवर्तित हो जाएगी। इसका विपरीत असर मेले से जुड़े तमाम उद्योगों पर सीधा पड़ेगा। हरिद्वार कुंभ मेला गुरुवार से विधिवत शुरू हो गया। इस बार कुंभ मेला अवधि में तीन शाही स्नान और दो पर्व स्नान होंगे। इधर, अखाड़ों ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

नैनीताल उच्च न्यायालय और राज्य सरकार की ओर से कुंभ मेला के लिए जारी एसओपी के अनुसार कुंभ मेला के दौरान हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं को कोविड-19 की 72 घंटे के अंतराल की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य है। इसके बिना किसी को भी हरिद्वार में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

इसके लिए मेला अधिष्ठान ने बुधवार से ही सीमाओं पर जांच शुरू कर दी है। बगैर जांच रिपोर्ट के हरिद्वार आने वाले लोगों को सीमावर्ती इलाकों से वापस भेजा जा रहा है। सभी चेक पोस्ट पर अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती की गई है। सीमा पर कोराना जांच की भी व्यवस्था की गई है।

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