जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दिल्ली से परचून का माल ला रहे दो ट्रकों को जीएसटी विभाग के सचल दल ने बागपत के बालैनी टोल पर रोककर बिल दिखाने को कहा तो ट्रक चालकों ने सचल दल के साथ हाथापाई की। टीम ने मेरठ के अधिकारियों को सूचित किया। अधिकारी दल बल के साथ पहुंचे और दोनों ट्रकों को माल सहित सीज कर दिया। इसके बाद टीम ने जिस ट्रांसपोट कंपनी के ट्रक थे, उसमें भी छापा मारा और बिलों की चेकिंग की। अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से मिले बिलों को कब्जे में लिया। उधर, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के पदाधिकारी माधव ट्रांसपोर्ट कंपनी पर पहुंचे और जीएसटी के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने ट्रांसपोर्टर का उत्पीड़न न करने की बात कही। अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर सतेन्द्र यादव ने बताया कि जीएसटी विभाग के गाजियाबाद के सचल दल को सूचना मिली थी कि दिल्ली से जीएसटी की चोरी करके ट्रकों में परचून का सामान मेरठ भेजा जा रहा है। गाजियाबाद चेकपोस्ट से बचने के लिए माधव ट्रांसपोर्ट कंपनी के दो चालक दो ट्रकों को लेकर वाया बागपत मेरठ जा रहे थे। गाजियाबाद की टीम ने पीछा किया, पर ट्रक हाथ नहीं लग पाए। इसपर गाजियाबाद की टीम ने बागपत की टीम को सूचना दी। बागपत का सचल दल बालैनी टोल पर पहुंच गया। उक्त दल ने दोनों ट्रकों को रोका और बिल मांगे। आरोप है कि चालकों ने बिल नहीं दिखाए और मालिकों को फोन कर दिया।
फोन करने के बाद चालकों ने सचल दल के अफसरों के साथ अभद्रता की। आरोेप है कि टीम के साथ हाथापाई की। इसकी सूचना मेरठ के अपर आयुक्त ग्र्रेड दो आरपी मल्ल को दी गई। उन्होंने पुलिस की मदद से ट्रकों को पकड़ने के आदेश दिए और मेरठ से कई अधिकारियों को मौके पर भेजा। टीम ने थाना बालैनी को सूचित किया। पुुलिस की मद्द से दोनों ट्रकों को पकड़ लिया गया। इसके बाद जीएसटी अधिकारी आरके पाठक, असिस्टेंट कमिशनर सतेन्द्र यादव व असिस्टेंट कमिशनर कन्नौजिया ने थाना ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस को साथ लेकर ट्रांसपोर्ट नगर में माधव ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा। यहां उन्होंने वहां रखे माल के बिल चेक किए। उन बिलों को कब्जे में ले लिया। इसकी सूचना मिलने पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के कोषाध्यक्ष रोहित कपूर, अंकुर प्रजापति, अुतल शर्मा, अनीस चौधरी माधव ट्रांसपोर्ट कंपनी पहुंचे और जीएसटी के अधिकारियों से बात की। उन्होंने जीएसटी के अधिकारियों से छापे के बारे में जानकारी ली और ट्रांसपोर्टर का उत्पीड़न न करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे बिलों की जांच करेंगे। जीएसटी की चोरी मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी।

