- नौकर नसीम के नाम 21 करोड़ से ज्यादा की है चल-अचल संपत्ति
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: माफिया के खिलाफ एसएसपी आकाश तोमर के तेवर तल्ख हो चले हैं। रविवार को पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने खनन माफिया व बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 21 करोड़ की बेनामी संपति को कुर्क कर जब्त करना शुरू कर दिया है। इससे पूरे सूबे में खलबली मची है। माफिया मांद दुबक गए हैं।
सहारनपुर पुलिस द्वारा खनन माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला के मुंशी नसीम के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई है। हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला व उसके सहयोगियों के विरुद्ध थाना मिजार्पुर में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा कराया गया था। विवेचना के दौरान लकड़ी चोरी, तस्करी , अवैध रूप से खनन का कारोबार एवं दबंगई के बल पर लोगों को डरा धमका कर धोखाधड़ी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीने खरीदने का आरोप था।
इनमें लगभग जो संपति प्रकाश में आई है, वह लगभग इक्कीस करोड़ रुपए मूल्य की बताई जाती है। यह मूलत: अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति है। फिलहाल, एसएसपी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में पुलिस ने इसको कुर्क करना शुरू कर दिया है। मामले की विवेचना के दौरान निरीक्षक बृजेश कुमार पांडेय ने जाचं करते हुए हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला के परिजनों, रिश्तेदारों एवं नौकरों के नाम से वन क्षेत्र से खैर की लकड़ी तस्करी, अवैध रूप से खनन का कारोबार एवं दबंगई के बल पर लोगों को डरा धमका कर धोखाधड़ी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीने खरीदे जाने के तथ्य प्रकाश में पाये गये थे।
हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला द्वारा अपने सहयोगी नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी ग्राम मिजार्पुर पोल थाना मिजार्पुर जनपद सहारनपुर व मैसर्स आदेश जैन एण्ड नसीम द्वारा पार्टनर नसीम अहमद पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिजार्पुर पोल थाना मिजार्पुर एवं नसीम के पुत्र नदीम निवासी मिजार्पुर पोल थाना मिजार्पुर जनपद सहारनपुर के नाम कम्पनी रजिस्टर्ड कराकर तहसील बेहट क्षेत्र के गांवों में अवैध रूप से डरा धमका कर बैनामें कराये गये।
इनमें मैसर्स अमित एंड नसीम द्वारा पार्टनर नसीम अहमद पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर पोल तहसील बेहट द्वारा 50 से ज्यादा बेनामी संपति खरीदी गयी है, जिनको कुर्क कर जब्त किया गया है। विवेचना जांच में यह भी पाया गया कि हाजी इकबाल द्वारा अभियुक्त नसीम व उसके पुत्र नदीम के नाम से रजिस्टर्ड करायी गयी फर्म एवं व्यक्तिगत रूप से नसीम एवं नदीम के नाम पर तहसील अभिलेखो में दर्ज पायी गयी।
तदोपरान्त राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के सहयोग से उपरोक्त वर्णित सम्पत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया एवं आसपास के मौजिज लोगो से बातचीत की गयी तो उपरोक्त सभी सम्पत्ति गैग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला के सहयोगी नसीम उपरोक्त (गैंग सदस्य) एवं उसके पुत्र नदीम की होना बताया गया तथा यह भी ज्ञात हुआ कि उक्त जमीने लोगो से धोखाधड़ी करके तथा डरा धमका कर अपने अपराधिक प्रभुत्व एवं दबंगई के बल पर एक सुसंगठित गैंग बनाकर औने – पौने दामो में खरीदी गई हैं। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी।

