- एसटूएस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में नमाज का वीडियो वायरल होने पर हिंदू जागरण मंच का पलटवार
- पुलिस ने महानगर अध्यक्ष को 10 घंटे रखा थाने में, नोटिस पर छोड़ा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लखनऊ के लूलू माल में नमाज पढ़ने का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि गढ़ रोड स्थित एसटू एस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक व्यक्ति के नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होते ही हिंदू जागरण मंच ने हनुमान चालीसा पढ़ दी। नौचंदी पुलिस को पता चला तो मौके पर जाकर हिंदू जागरण मंच के सचिन सिरोही समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस 10 घंटे तक थाने में रखे रही, लेकिन अधिकारी यह तय नहीं कर पाये कि आरोपी को जेल भेजा जाए। बाद में रात ग्यारह बजे के बाद दोनों आरोपियों को धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर नोटिस पर रिहा कर दिया गया।

सोमवार सुबह सबसे पहले भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक दिग्विजय सिंह ने नमाज पढ़ते हुए यहां का वीडियो और फोटो मेरठ पुलिस और डीएम को ट्वीट किया। डीजीपी ने पूरे मामले पर मेरठ पुलिस से जवाब तलब किया। वीडियो मेरठ के एसटूएस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का बताया गया है। इसमें एक युवक नमाज पढ़ते हुए नजर आ रहा था।
भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक दिग्विजय सिंह ने इसका वीडियो और फोटो ट्वीट मेरठ पुलिस और डीएम सहित कुछ अन्य लोगों को टैग कर ट्वीट किया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हुआ। नमाज के विरोध में हिंदू जागरण मंच के सचिन सिरोही समेत तीन लोग शापिंग कांप्लेक्स में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंच गए। पुलिस को इसकी भनक लगी तो हड़कंप मच गया।
तत्काल पुलिस पहुंच गई। वहां मौजूद सचिन सिरोही समेत तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, नमाज के मामले में गिरफ्तारी पर नौचंदी थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि सचिन सिरोही और प्रदीप कौशिक को 153 एक को नोटिस देकर जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मॉल में नमाज पढ़ने वाले की तलाश की जा रही है। लुलू मॉल के बाद लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेडियम, प्रयागराज के रेलवे स्टेशन और गोरखपुर में आईएएस के सरकारी आवास के सामने नमाज पढ़े जाने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है।

