Wednesday, May 6, 2026
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बेबसी: होनहार खिलाड़ी पाई-पाई को मोहताज

  • दक्षिण अमेरिकी देश पेरू से आया अंतर्राष्टÑीय प्रतियोगिता में शामिल होने का न्योता
  • सांसद जयंत चौधरी तक से लगा चुके हैं मदद की गुहार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रतिभा पैसे की मोहताज नहीं होती, यह तो इंसान को जन्म से ही विरासत में मिलती हैं। अब इसमें चाहे खिलाड़ी हो या किसी और क्षेत्र में अपनी विशेषता दर्ज कराने वाले लोग। ऐसे ही एक पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी है, जिनमें खेल के गुण तो कूट-कूट कर भरे हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह विदेश में होने वाली अंतर्राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने नहीं जा पा रहें हैं।

इस खिलाड़ी ने रालोद प्रमुख व राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी तक से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन कोई मदद को तैयार नहीं। अब इस खिलाड़ी को उम्मीद है कि शायद कोई उसकी तरफ हाथ बढ़ाएं तो वह देश के लिए खेलने पेरू जा सकता हैं।

इंडोनेशिया में ब्याज पर पैसे लेकर खेलने पहुंचा

रुड़की रोड स्थित इंद्रलोक कॉलोनी निवासी दीपक जावला को पोलियो है, उनके पिता पीएसी में थे। जब दीपक काफी छोटा था, तभी पिता का साया उनके सिर से उठ गया था। तीन बहनें व एक छोटा भाई है, बहनों की शादी हो चुकी है और भाई निजी कंपनी में नौकरी करता है।

दीपक ने बताया कि गत 23 अगस्त 2022 को इंडोनेशिया में होने वाली पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश के लिए खेलने का न्योता मिला था। उस दौरान जिलाधिकारी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों तक से टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए आने वाले खर्च के लिए मदद मांगी थी, लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की,

ब्याज पर सवा लाख रुपये लेकर इंडोनेशिया गये थे। पैसे न होने की वजह से किसी होटल में रुकने की व्यवस्था नहीं हो सकी तो कुर्सी पर बैठकर ही रात गुजारी। किसी तरह पेट भरने के लिए सस्ता खाना खाकर खेले, लेकिन अपना बैस्ट नहीं दे सकें।

अंतर्राष्टÑीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए आया बुलावा

दीपक को दक्षिणी अमेरिकी देश पेरू के भारत में राजदूत कॉर्लोस आर पोलो की तरफ से निमंत्रण भेजा गया है। जिसमें पेरू में 28 नवंबर से छह दिसंबर तक होने वाली अंतर्राष्टÑीय पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने को कहा गया। दीपक को 26 नवंबर को पेरू में रिपोर्ट करनी है।

जिसके लिए उन्हें 24 नवंबर को ही देश से निकलना होगा। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए फ्लाइट का किराया, रुकने की व्यवस्था व खाने-पीने का कुल खर्च करीब 3 लाख 25 हजार है, लेकिन पहले से ही कर्ज में डूबे दीपक के सामने इतना खर्च कैसे वहन करें यह बड़ा सवाल है?

स्टेट लेवल प्रतियोगिता में जीत चुके गोल्ड

दीपक लखनऊ में जून 2022 में हुई स्टेट लेवल पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता के डबल्स में गोल्ड व सिंगल्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। साथ ही अन्य प्रतियोगिताओं में भी वह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह पेरू में होने वाली प्रतियोगिता में कैसे शामिल होंगे?

लगा चुके मदद की गुहार

दीपक का कहना है उसे पता चला था कि सांसद जयंत चौधरी ने अपनी सांसद निधि को खिलाड़ियों पर खर्च करने की घोषणा की है। जिसके बाद वह उनसे मिलने गए। दीपक ने उन्हें सारी जानकारी दी, लेकिन सांसद ने यह कहते हुए मदद करने से मनाकर दिया कि उन्होंने जो घोषणा की है, वह केवल खेल संस्थानों के लिए है। वहां पर खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर ही वह अपनी सांसद निधि खर्च करेंगे। जबकि खिलाड़ियों पर सीधे तौर पर पैसा खर्च करने की कोई योजना नहीं हैं।

हमारे पास दीपक की कोई जानकारी पहले से नहीं थी। अब पता चला है तो जो भी दिव्यांग खिलाड़ी की मदद हो सकेगी वह की जाएगी।-राजेश चौधरी, सेके्रट्री जिला बैडमिंटन एसोसिएशन

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